समय से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को करना पड़ता इंतजार
47 मिनट की लाइव में मनमानी की खुली पोल
महराजगंज। सुबह जिला अस्पताल की ओपीडी में कोई मरीज चला गया तो उसका त्वरित इलाज संभव नहीं है। मरीजों के मुताबिक यहां डॉक्टर सुबह के समय अपने कक्ष में नहीं रहते हैं। 10 बजे के बाद डॉक्टरों के आने का क्रम शुरू होता है। तब भी सभी डॉक्टर नहीं पहुंचते हैं। इस वजह से आठ से शुरू होने वाली ओपीडी के लिए मरीजों की लाइन लंबी होती जाती है।
राउंड पर होने का बहाना बनाकर खामियों पर पर्दा डालने की कोशिश की जाती है। सोमवार को सुबह 9:26 बजे से 10:13 बजे तक करीब 47 मिनट की लाइव रिपोर्ट में जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की दुश्वारियां सामने आ गई।
जिला अस्पताल में 9 बजकर 26 मिनट पर हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष के सामने मरीज इंतजार कर रहे थे। घुघली की संगीता देवी आधे घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहीं थी। पास में खड़े एक युवक ने बताया कि डॉक्टर साहब राउंड पर हैं। थोड़ी देर में आएंगे। तीसरे युवक ने कहा कि वार्ड में देखकर आया हूं। वहां पर डॉक्टर साहब नहीं हैं। वहीं पास के कक्ष में मरीजों का इलाज करते डॉ. पवन कुमार दिखे। वह मरीजों को परामर्श दे रहे थे।
जिला अस्पताल की ओपीडी में ऊपरी तल पर फिजिशियन डॉ. रंजन कुमार सिंह 9 बजकर 30 मिनट पर कक्ष में नहीं दिखे। यहां पर सलीकुन निशा निवासी बरातगाड़ा मिली। उन्होंने बताया कि सुबह आठ बजे आ गई थी। सोचा था कि जल्दी जांच कराने के लिए घर चली जाउंगी। एक कर्मी से पूछने पर पता चला कि डॉक्टर राउंड पर हैं। कुछ देर बाद आएंगे। शिशु एवं बाल रोग विभाग में 9 बजकर 33 मिनट तक कोई डॉक्टर नजर नहीं आया। कक्ष के सामने कुछ लोग बैठे नजर आए। 9 बजकर 35 मिनट पर नेत्र रोग विभाग में कुर्सी खाली देखकर मरीज बेंच पर डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। पिपरदेउरा की सुशीला ने बताया कि सुबह 9 बजे आ गई थी। अब तक कोई डॉक्टर नहीं आया तो क्या किया जाए। 9 बजकर 36 मिनट पर मेडिसिन विभाग में तैनात डॉक्टर भी नहीं दिखे।
नीचे 9 बजकर 44 मिनट पर जिला अस्पताल के पुराने इमरजेंसी में मानसिक रोग चिकित्सा अधिकारी का कक्ष खाली था। मुकेश कुमार निवासी महुअवा के रहने वाले हैं। वह डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजे से ही आया था लेकिन इलाज नहीं हो सका। हैरानी की बात है कि 9 बजकर 49 मिनट पर पर्ची काउंटर पर तैनात कर्मी भी नजर नहीं आया। 9 बजकर 59 मिनट पर मेन कक्ष के दरवाजे पर ताला लटका मिला। सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर डॉ. विकास हड्डी रोग विशेषज्ञ अपने कक्ष में जाते हुए दिखे। इस दौरान मरीजों की लंबी कतार लगी रही। वहीं 10 बजकर 13 मिनट पर डॉ. पंकज जायसवाल ऊपरी तल पर जा रहे थे। डॉक्टरों को समय से ओपीडी में नहीं आने से मरीज काफी देर तक परेशान रहे।
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करीब 23 किमी दूरी तय करके जिला अस्पताल पहुंची। पैर व हाथ में दर्द है। हड्डी रोग विशेषज्ञ से दिखाना है। उन्हीं का इंतजार रहीं हूं। उनका राउंड पर होना बताया गया है।
-मीरा, तिलकवनिया
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एक घंटे से इंतजार कर रहा हूं। डॉक्टर साहब समय से आए होते तो इलाज कराने के बाद घर चला गया होता, यहां पहले आने का कोई मतलब नहीं है। सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
-उमाशंकर, महादेवा
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अस्पताल में सभी डॉक्टर समय से आते हैं। अगर कहीं गड़बड़ी है तो जांच की जाएगी। सीसीटीवी से निगरानी की जाती है।
-डॉ. एके द्विवेदी, सीएमएस