खिड़की खोलने को लेकर शुरू हुआ था विवाद, सात महीने पहले दिव्यांग दर्ज कराई थी शिकायत
दिव्यांग के शोर मचाने पर बचाने गया था भतीजा विकास अग्रहरी
महराजगंज। बरगदवा थाना क्षेत्र में दिव्यांग व्यक्ति और उसके भतीजे पर पड़ोसियों ने जानलेवा हमला कर दिया। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
पीड़ित शेखर चंद अग्रहरी ने बताया कि उनके पड़ोसी प्रदीप वर्मा और उनके बेटे मृत्युंजय सोनकर ने अवैध निर्माण को लेकर उन्हें और भतीजे को बुरी तरह पीटा। घटना 28 दिसंबर 2025 की है, जब पीड़ित निर्माण कार्य रोकने गए थे। बरगदवा गांव के निवासी शेखर चंद अग्रहरी ने बताया कि वे शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। उनका मकान नौतनवा-ठूठीबारी मार्ग पर स्थित है। पड़ोसी प्रदीप वर्मा ने उनके मकान की तरफ दूसरी मंजिल पर अवैध रूप से खिड़की खोल ली थी। मामले में सात महीने पहले शेखर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, सुलह-समझौते में खिड़की बंद करने पर सहमति बनी। लेकिन कई महीनों बाद भी खिड़की बंद नहीं की गई।
28 दिसंबर को प्रदीप वर्मा ने आगे की तरफ दीवार निर्माण शुरू कर दिया। जब शेखर ने इसे रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और लाठी-डंडे लेकर उन पर हमला बोल दिया। शेखर भागकर अपने घर में घुसे लेकिन हमलावर घर में घुस आए और लात-मुक्कों व थप्पड़ों से मारने लगे। बाहर खींचकर पीटने के दौरान शेखर के चिल्लाने पर उनका भतीजा विकास अग्रहरी दौड़कर आया तो हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह पीटा। दोनों को गंभीर चोटें आईं। शेखर ने आरोप लगाया कि प्रदीप वर्मा और मृत्युंजय सोनकर मनबढ़ और दबंग प्रवृत्ति के हैं। वे बार-बार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपी प्रदीप वर्मा और मृत्युंजय सोनकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।