पंचायत चुनाव टलने पर प्रधानों को ही प्रशासक बनाने की मांग तेज
चौक पुलिस ने जिलाध्यक्ष अनिल जोशी को घर में ही रोका
मिठौरा। पंचायत चुनाव टलने की आशंकाओं के बीच ग्राम प्रधान संगठन और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। बुधवार को लखनऊ में प्रस्तावित ग्राम प्रधान महासम्मेलन में शामिल होने जा रहे ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार जोशी को मंगलवार सुबह ही पुलिस प्रशासन ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई को लेकर प्रधानों में भारी नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, पंचायत चुनाव समय पर न होने की स्थिति में वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बनाए जाने तथा कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने 20 मई को लखनऊ में महासम्मेलन बुलाया था। आरोप है कि सम्मेलन में जाने से रोकने के उद्देश्य से सुबह से ही चौक पुलिस जिलाध्यक्ष के आवास पर पहुंच गई और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। मौके पर थाना प्रभारी मनीष पटेल समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
इस तरह की कार्रवाई अलोकतांत्रिक
नजरबंद किए जाने के बाद जिलाध्यक्ष अनिल कुमार जोशी ने सरकार और प्रशासन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधान संगठन सरकार के खिलाफ नहीं है बल्कि केवल यह चाहता है कि वर्ष 2021 की तरह दोबारा एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त न किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से चुने गए प्रधानों पर सरकार को भरोसा दिखाना चाहिए और विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए अगले पंचायत चुनाव तक वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए अथवा प्रधानों की ही प्रशासक समिति घोषित की जाए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि अपनी लोकतांत्रिक मांग उठाने जा रहे जनप्रतिनिधियों को घर में कैद करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उधर, इस घटना के बाद जिले के प्रधानों और संगठन पदाधिकारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।