सिसवा बाजार। छठ पर्व में शामिल होने के लिए अपने घरों को आए मजदूर व नौकरी पेशा लोग अब दिल्ली-मुंबई अपने काम पर लौटने लगे हैं। इससे लंबी दूरी के गाड़ियों में काफी भीड़ होने लगी है। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंफर्म टिकट के बाद भी उन्हें मुश्किल के बीच सफर करना पड़ रहा है।
भारत के कई प्रदेशों में नौकरी व मजदूरी करने वाले यूपी बिहार के लोग व बाहर रहकर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने छठ पर जैसे-तैसे टिकट का प्रबंध कर व गाड़ियों में धक्के खाते हुए घर तो आ गए।
छठ की समाप्ति के बाद से ही लोग अपने काम पर जाने के लिए घरों से निकल गए। इससे गाड़ियों में अत्यधिक भीड़ होने से जनरल डिब्बा और आरक्षित डिब्बे की हालत एक जैसी हो गई है। कहीं आराम से बैठने की जगह नहीं है। मंगलवार को 1:31 सिसवा रेलवे स्टेशन पर पहुंची सत्याग्रह एक्सप्रेस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। सिसवा निवासी रौनक ने बताया कि वो दिल्ली में रह कर पढ़ाई करते हैं। त्योहार में घर आए थे, लेकिन कक्षाएं शुरू होने से विद्यालय पहुंचना बहुत जरूरी है। तत्काल में टिकट तो मिल गया है, लेकिन गाड़ी में भीड़ देखकर हालत खराब है कि दिल्ली तक की यात्रा कैसे हो सकेगी। सिसवा कस्बा निवासी दीपक का कहना है कि बोगी के अंदर का हाल ये है कि हिलने तक की जगह नहीं है। मुझे काम पर दिल्ली लौटना है, असली लड़ाई तो बोगी के अंदर की है, जिसमे पूरी रात काटनी है।