सराफा व बर्तनों के बाजार में हुई सर्वाधिक बिक्री
धनतेरस पर शनिवार का नहीं असर, वाहन बाजार ने भरा फर्राटा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
महराजगंज। धनतेरस पर शनिवार देर शाम तक खूब धनवर्षा हुई। सराफा, बर्तन, वाहन व वस्त्र का खूब कारोबार हुआ। देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए लगभग हर घर में कुछ न कुछ खरीद जरूर की गई। सर्वाधिक मात्रा में बर्तन, कपड़ा और आभूषण उन घरों में खरीदे गए जिन घरों में आगामी दिनों में विवाह इत्यादि के मांगलिक आयोजन तय। जिले से 100 करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।
धनतेरस का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:20 के बाद शुरू हुआ, लेकिन बाजार की चहल-पहल शाम तीन बजे के बाद शुरू हुई। तीन बजे से जब खरीद के लिए भीड़ पहुंचने लगी तो यह क्रम शाम सात बजे तक बना रहा। इसके बाद खरीद पूरी कर लोगों की वापसी शुरू हुई लेकिन खरीद देर रात तक चलती रही। धनतेरस के दिन बाजार में जाम की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए डायवर्सन सुबह से ही प्रभावी रहा और भारी वाहनों को शहर में किसी भी मार्ग से इंट्री नहीं दी गई, बावजूद शाम चार बजे के बाद ई- रिक्शा, बाइक व खरीद के लिए पैदल निकले लोगों की अधिकता के कारण निचलौल व गोरखपुर मार्ग पर देर शम तक जाम की स्थिति बनती बिगड़ती रही। खरीद में सर्वाधिक भीड़ महिलाओं व युवतियों की रही। किसी ने देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए झाड़ू खरीदा तो किसी ने बर्तन खरीदकर मान्यता का निर्वहन किया।
20 करोड़ पार गया बर्तन का कारोबार
- बर्तन कारोबार धनतेरस के दिन सराफा कारोबार से कम चमकदार नहीं रहा। बल्कि यह माना जा सकता कि सराफा बाजार से कहीं अधिक भीड़ बर्तनों की खरीद के लिए उतरी। सिल्वर व गोल्डन टच वाले स्टील के बर्तन इतने बिके कि दुकानों पर शाम सात बजते बजते यह कम पड़ गए। एल्यूमीनियम व स्टील के बाद तीसरे नंबर की बिक्री नानस्टिक के बर्तनों की हुई। कारोबारी पवन कसौधन ने बताया कि एल्यूमीनियम, स्टील, नानस्टिक के अलावा फूल और तांबे में पूजा की थाली, डलिया, अखंड ज्योति दीप, कपूर व धूप जलाने के स्टैंड तो तांबे के जग खूब बिके। सर्वाधिक बिक्री कटोरी, चम्मच, ग्लास की हुई। देर शाम सिल्वर टच डिनर सेट समाप्त होने के कारण आर्डर बुक करने पड़े उन्हें डिलीवरी अगले सप्ताह तक मिल सकेगी। जिले में बर्तनों की बिक्री लगभग 20 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।
स्थिर रेट का लाभ, 35 करोड़ हुआ सराफा कारोबार-
शनिवार को अर्थात धनतेरस के दिन सोने व चांदी दोनों के रेट स्थिर रहे जिसका असर सराफा बाजार में दिखा। जनपद में सर्वाधिक बिक्री सराफा कारोबारियों ने की। कारोबारी राजकुमार के मुताबिक दोपहर बाद धनतेरस मुहूर्त शुरू होते ही आभूषणों की बिक्री तेज होने लगी। पहले वह लोग जुटे जो अपनी पसंद के आभूषणों के लिए भुगतान जमा कर गए थे। चार से 5 बजे के बाद धनतेरस खरीद की भीड़ बढ़ी जिससे बुकिंग से लगभग दो गुना अधिक की बिक्री हुई। चांदी का सबसे हल्का व कम रेट का सिक्का 2500 रुपये का रहा जिसकी सर्वाधिक बिक्री हुई। जनपद के पूरे सराफा बाजार से मिले आंकड़ों के मुताबिक 35 करोड़ रुपये की बिक्री धनतेरस पर लगातार बढ़ते रेट के बाद भी हुई।
18 करोड़ रहा वाहनों का कारोबार-
धनतेरस शनिवार के दिन जरूर पड़ा, लेकिन वाहनों की बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं देखा गया। शनिवार को लोहा खरीदने से परहेज करने वालों ने एक दिन पहले ही पूरा भुगतान कर दिया था। दोपहर बाद धनतेरस का मुहूर्त शुरू होते ही वाहन डीलर भुगतान कर चुके ग्राहकों के दर्ज पते पर वाहन की डिलीवरी में जुट गये। बजाज के डीलर परमजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार व शनिवार दो दिन में कुल 56 वाहनों की बिक्री हुई जिसमें सर्वाधिक संख्या 125 सीसी पल्सर की रही। बाइक के अन्य डीलरों के मुताबिक धनतेरस पर कुल लगभग 167 से अधिक बाइक सिर्फ दो दिन में बिक्री और इससे कहीं अधिक बुकिंग का आंकड़ा रहा जिसकी डिलीवरी आने वाले दिनों में की जाएगी। बाइक के अलावा ई- रिक्शा, ट्रेक्टर, कार की बिक्री व बुकिंग खूब हुई। आर के मोटर्स के राजकुमार गुप्ता ने बताया कि ठीक धनतेरस के दिन दो वर्ष के लिए ई-व्हीकल पर चल रही छूट को जारी रखने के आदेश ने ई बाइक व रिक्शा की बिक्री में इजाफा किया और शनिवार के बाद भी धनतेरस पर वाहनों की रिकार्डतोड़ बिक्री हुई है।
कपड़ों का बाजार रहा गर्म 3 करोड़ पार कारोबार
- मौसम का असर धनतेरस के दिन कपड़ा बाजार पर दिखा। कपड़ा बाजार में सर्वाधिक बिक्री रेडीमेड कपड़ों की रही। साड़ियों की बिक्री में कांजीवरम सिल्क व बंधेज शिफान तो युवतियों को प्रिंट उलेन वाले सूट पसंद आए जिनकी बिक्री सर्वाधिक हुई। जिन घरों में आने वाले दिनों में विवाह इत्यादि के कार्यक्रम तय उन घरो में सर्वाधिक खरीद हुई। लांचा लहंगा भी युवतियों को पसंद में शामिल रहे।
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15 करोड़ ज्ञान अधिक इलेक्ट्रॉनिक कारोबार
- धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक बाजार में ज्ञान खूब चहल पहल रही। वाशिंग मशीन की जहां अच्छी बिक्री हुई वहीं सीजन समाप्ति के बाद छूट देकर फ्रीज भी बिके। एलईडी टीवी के साथ साथ मोबाइल फोन और टैब भी खूब बिके। इलेक्ट्रॉनिक आइटम के बड़े कारोबारी सुमित वर्मा के मुताबिक जिले में 15 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ।
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ओडीओपी फर्नीचर नौ करोड़ के पार
- ओडीओपी में शामिल फर्नीचर कारोबार ने भी धनतेरस के पंख से लग्न की उड़ान भरी। ग्रेटवुड के प्रोपराइटर विनय गुप्ता जिनका एक स्टाल ट्रेड शो में भी लगा है उन्होंने बताया कि सिर्फ धनतेरस की बिक्री व आर्डर की बात करें तो 23 लाख रुपये के आर्डर मिले हैं। बिक्री 5 लाख के आसपास हुई जिसमें डाइनिंग टेबल, रीडिंग टेबल, रेस्टिंग चेयर इत्यादि शामिल रहा।
मिश्रा फर्नीचर फरेंदा के प्रोपराइटर मनोज मिश्रा ने बताया कि सोफा, डाइनिंग टेबल, कुर्सियों, बेड की खासी मांग रही। धनतेरस के दिन चार लाख तक बिक्री हुई सात लाख के आसपास बुकिंग मिली है। अनुमान है कि धनतेरस पर फर्नीचर की बिक्री जनपद में लगभग 1.70 करोड़ रुपये की रही। 1.30 करोड़ के आसपास की बुकिंग भी कारोबारियों के मुताबिक बताई जा रही है। धनतेरस पर लगभग नौ करोड़ का कारोबार फर्नीचर का रहा जो पिछले वर्ष से अधिक है। उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि ओडीओपी में शामिल फर्नीचर की डिमांड ट्रेंडिंग कलाकृतियों के कारण बेहतर हो रही है।