फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: पानी घटने के बावजूद खतरा कायम, टेलफाल पर डटी रही सुरक्षा टीम

विज्ञापन
नारायणी नदी के टेलफाल पर सोमवार को मौजूद राहत एवं बचाव दल।
विज्ञापन
नारायणी नदी का बहाव कम होने से बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत, प्रशासन अलर्ट
विज्ञापन


बैराज और नदी किनारे लगातार हो रही निगरानी
निचलौल। नारायणी नदी में सोमवार को पानी का बहाव कम होने से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। सोमवार दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक गंडक नदी बैराज से डिस्चार्ज होने वाले पानी की रफ्तार 1.19 लाख क्यूसेक पर स्थिर रही। इसके बावजूद प्रशासन खतरा पूरी तरह टलने की बात नहीं कह रहा है। प्रशासन सतर्क है।
जानकारी के अनुसार, संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अमला और राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सतर्क है। नदी के टेलफाल और भेड़िहारी क्षेत्र में सुरक्षा टीम सोमवार को देर शाम तक डटी रही। नेपाल प्रशासन की ओर से 72 घंटे के भीतर संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। हालांकि, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात टीमों को अभी अपने स्थानों पर बने रहने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

सोमवार देर शाम तक आरआरटी की टीम नारायणी नदी के टेलफाल और भेड़िहारी में नदी किनारे निगरानी करती रही। टीम की अगुवाई कर रहे सौरभ शुक्ला ने जवानों को नदी किनारे अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर रखा था। रविवार की तुलना में सोमवार की स्थिति काफी राहत भरी रही। रविवार की अपेक्षा सोमवार को नदी में शव लगभग नहीं के बराबर दिखाई दिए।
उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर नदी के बीच में कुछ पशुओं के शव दिखाई दिए थे लेकिन शाम तक ऐसी कोई गतिविधि नजर नहीं आई। नदी किनारे दुर्गंध में भी कमी आई है। एहतियात के तौर पर नदी किनारे आने-जाने वाले लोगों को बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया है। टीम लगातार उच्चाधिकारियों के संपर्क में है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।


पानी घटने की खबर से गांवों में राहत

नारायणी नदी में पानी का बहाव कम होने की सूचना के बाद बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत है। गेड़हवा के प्रधान प्रतिनिधि दिनेश शर्मा ने बताया कि पानी कम होने की खबर मिलने के बाद गांव में रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो गया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मजदूरी करने वाले लोग भी घर पर लगातार फोन कर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। पानी कम होने से सभी लोग राहत महसूस कर रहे हैं। भेड़िहारी के प्रधान दुष्यंत सिंह ने बताया कि रविवार की रात बेहद चिंता और भय के बीच गुजरी। ग्रामीण पूरी रात जागते रहे। सोमवार सुबह से नदी का बहाव कम होने की सूचना मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और अपने रोजमर्रा के काम में जुट गए।
विज्ञापन

वर्जन


सोमवार देर शाम बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य है। ग्रामीणों को जागरूक करने वाली टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। अभी पानी बढ़ने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और क्षेत्र फिलहाल सुरक्षित है। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
- अवनीश त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें