महराजगंज। सरकार परिषदीय स्कूल के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए भरपूर प्रयास कर रही है। निशुल्क किताब, ड्रेस, बैग, जूत, मोजा के लिए भी डीबीटी के जरिए अभिभावकों के खाते में पैसा भेजा जा रहा है। बावजूद इसके जिले के एकल विद्यालयों की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। इन स्कूलों में नामांकित बच्चों की संख्या अच्छी खासी है, लेकिन विभाग इन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था तक नहीं कर पा रहा है। पिछले दिनों जिले में 256 नये शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई। किसी एकल स्कूल तक नये शिक्षकों को भेजने से परहेज किया गया। जिसके कारण समस्या यथावत बनी हुई है।
महराजगंज जिले में 12 ब्लाॅक हैं जिनमें 1705 परिषदीय स्कूल संचालित होते हैं। इन स्कूलों में 2.46 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बावजूद हर ब्लाॅक में 5 स्कूल ऐसे हैं जहां पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। इन स्कूलों में नामांकित बच्चों की संख्या स्कूल वार 150 या इससे अधिक है। बेसिक शिक्षा विभाग का नियम भी है कि 30 से 40 बच्चों की संख्या की दर से शिक्षक भी बढ़ाए जाने चाहिए। बावजूद इस नियम की अनदेखी कर 60 स्कूलों का संचालन एकल शिक्षक के भरोसे कराया जा रहा है। पिछले दिनों जिले में 256 नए शिक्षकों को स्थान मिला। नियमत: इन्हें एकल स्कूलों में भेजा जाना चाहिए था। लेकिन विभाग ने इन्हें स्वैच्छिक रूप से किसी भी स्कूल में जाने की छूट दी। नतीजा यह रहा कि एकल स्कूल बिना शिक्षकों के ही रह गए। कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां नामांकित बच्चों की संख्या 130 तक है। वहां 5-5 शिक्षक तैनात हैं।
एकल विद्यालयों की सूची तैयार हो गई है। शीघ्र ही यह देखा जाएगा कि नामांकित बच्चों के हिसाब से ऐसे कौन से स्कूल हैं जहां शिक्षक अधिक हैं। इन स्कूल से शिक्षकों को एकल स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी