तापमान घटने पर दांत सिकुड़ते हैं और इनेमल में दरार आने से नीचे की संवेदनशील परत (डेंटिन) उजागर होती है
जिला अस्पताल में मंगलवार 621 रोगियों का हुआ उपचार
महराजगंज। ठंड में सिर्फ फ्लू, बुखार व खांसी जैसी समस्या ही नहीं, दांतों में तकलीफ के मामले भी बढ़े हैं। दांत में पानी लगना आम समस्या है लेकिन मसूड़ों में इन्फेक्शन से जख्म के साथ दर्द की समस्या के पीड़ितों की संख्या बढ़ी है। मंगलवार को 26 रोगी दांत की समस्या लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इनकी रिपोर्ट के मुताबिक चिकित्सक ने सलाह व एहतियात बरतने की जानकारी दी।
जिला अस्पताल में मंगलवार को 621 रोगियों का उपचार हुआ। सर्वाधिक रोगी सर्दी, जुकाम, बुखार व सर्दी जनित रोगों के रहे। साथ ही ठंड दांतों पर भी प्रभाव डाल रहा है। दंत विभाग की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। डाॅ. पारितोष सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दांत की समस्या से जूझ रहे रोगियों को सलाह के साथ-साथ एहतियात बरतने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि दंत रोग से पीड़ित रोगी अधिक आ रहे हैं। ज्यादा समस्या दांतों में ठंडा पानी लगने से दर्द की है। यह बुजुर्गों के साथ बच्चों में मिल रही है।
ठंड के मौसम में दांतों की समस्या (जैसे दर्द और संवेदनशीलता) इसलिए होती है, क्योंकि तापमान घटने पर दांत सिकुड़ते हैं। इस प्रक्रिया से इनेमल में दरार आती है और नीचे की संवेदनशील परत (डेंटिन) उजागर होती है। इससे ठंडी हवा लगने पर नसों में तेज दर्द होता है। बच्चों में यह समस्या फास्ट फूड, टॉफी चॉकलेट से होती है। वहीं बुजुर्गों को समस्या दांत व मसूड़ों के घिसने के कारण बढ़ती है। इसलिए एहतियात के जरिये ही इस पर नियंत्रण हो सकता है। जरूरी है कि ऐसी समस्या को नजरअंदाज न किया जाए और डेंटिस्ट की सलाह लेकर उपचार प्रभावी किया जाए।
ऐसे करें बचाव
- दांत सफाई के साथ हल्की उंगली से दांतों का मसाज दोनों समय करें।
- दांतों में समस्या होने पर नर्म खाद्य उपयोग करें।
- दांत अगर सेंस्टिव हैं तो मेडिको पेस्ट का उपयोग करें।
- दांतों की सफाई के लिए नर्म ब्रश का उपयोग करें।
- बिना चिकित्सक के परामर्श के उपचार कतई न करें।