महराजगंज। कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार को अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ की बैठक हुई। इसमें जनजातीय समाज से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान की मांग की गई। पदाधिकारियों ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित जनगणना के दौरान गोंड और धुरिया जनजाति के परिवारों की जाति दर्ज करने की प्रक्रिया स्पष्ट और सरल बनाने की मांग की।
जिलाध्यक्ष अंगद गोंड ने कहा कि प्रथम चरण की जनगणना के दौरान कुछ प्रगणकों और सुपरवाइजरों पर गोंड समाज के परिवारों के साथ भेदभाव करने की शिकायतें मिली थीं। इससे कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए प्रक्रिया स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के मानकों के अनुसार जाति प्रमाणपत्र बनवाने में भी गोंड जनजाति के विद्यार्थियों को जांच के नाम पर परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। संगठन ने जाति प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और पात्र लोगों को अनावश्यक दौड़भाग से राहत देने की मांग की।
बैठक में नौतनवा तहसील में थारू जनजाति के कथित फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच कर उन्हें निरस्त करने की मांग भी उठाई गई। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ लोग दोहरी नागरिकता का लाभ लेकर जनजातीय अधिकारों का लाभ उठा रहे हैं। संगठन ने मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। बैठक में अखिलेश गोंड, रामप्रवेश गोंड, दीपक गोंड, रजत गोंड, संदीप गोंड, बाबूलाल गोंड, वरिष्ठ गोंड, राकेश गोंड आदि मौजूद रहे।