लखनऊ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री से मिले समिति पदाधिकारी
लक्ष्मीपुर। देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने सोमवार को लखनऊ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने देवदह और रामग्राम क्षेत्र के विकास को लेकर छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई।
समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने बताया कि तहसील नौतनवा के अंतर्गत स्थित देवदह भगवान बुद्ध का ननिहाल माना जाता है। यहां भगवान बुद्ध का स्तूप, माता महामाया का स्तूप, महाराज अंजन का राजमहल, मिस्टर कलिंघम द्वारा निर्मित पिलर, सम्राट अशोक का शिलालेख, ऐतिहासिक सगरा (पुष्कर्णी) तथा लगभग 200 प्राचीन कुएं आज भी मौजूद हैं। इसके बावजूद यह क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से वर्तमान में सगरा के सुंदरीकरण, विपश्यना हाल और अतिथि गृह का निर्माण कराया गया है लेकिन देवदह और रामग्राम को विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए व्यापक विकास कार्यों की आवश्यकता है। समिति द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में मिनी गोरखनाथ मंदिर चौक बाजार से रामग्राम होते हुए बनरसिंहा कला तक पिच मार्ग निर्माण की मांग की गई है।
समिति ने चौक बाजार से टेढ़ी, जंगल गुलहरिया होते हुए देवदह को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण की मांग करते हुए पूर्व प्रस्तावित बौद्ध परिपथ कुशीनगर-देवदह-कपिलवस्तु परियोजना को शीघ्र शुरू करने की मांग की। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने एशिया की प्रथम ट्रॉम वे रेल परियोजना एकमा डिपो वन क्षेत्र लक्ष्मीपुर को पुनः संचालित कर उसे देवदह, रामग्राम और चौक बाजार से जोड़ने की मांग की है।
समिति ने एकमा ड़ियो क्षेत्र में संग्रहालय, चिड़ियाघर और औषधालय की स्थापना वन विभाग द्वारा कराए जाने की भी मांग की, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकें। मांग पत्र में भगवान बुद्ध के आठवें अस्थि स्तूप रामग्राम तक जाने के लिए इंटरलॉकिंग मार्ग तथा स्तूप के चारों ओर फुटपाथ और परिक्रमा पथ निर्माण की मांग की गई। साथ ही समीप स्थित पोखरे में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। इसके अलावा भी अन्य मांगें रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष जितेंद्र राव, उपाध्यक्ष महेंद्र जायसवाल, महामंत्री लक्ष्मीचंद पटेल, संरक्षक गामा प्रसाद, लालचंद चौधरी, उमेश जायसवाल, बृजेन्द्र श्रीवास्तव, बाबुनंदन शर्मा, बिसुनदेव चौरसिया, अजय चौधरी, श्रीधर चौधरी शामिल रहे।