30-40 रुपये बिकने वाला पपीता पहुंचा 50 के पार, 60 रुपये दर्जन बिक रहा केला
इलाहाबादी अमरूद का रेट 100 से बढ़कर 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा
महराजगंज। माह-ए-रमजान शुरू होते ही फलों की मांग बढ़ गई है। इसके चलते फलों के दाम में भी उछाल आ गया है। पहले 35 रुपये किलो की दर से बिक रहा पपीते का रेट अब 50 रुपये तक पहुंच चुका है। 40 रुपये दर्जन बिकने वाला केला भी 60 रुपये तक पहुंच गया है।
मऊ पाकड़ के कारोबारी राजेश ने बताया कि इन दिनों सहालग के कारण पहले से ही फलों की डिमांड बढ़ी हुई थी। इसी बीच रमजान शुरू होने के कारण मांग में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। स्थिति यह है कि गोरखपुर फल मंडी से रोजाना फलों का ऑर्डर देकर गाड़ी मंगाई जा रही है। अधिक बिकने वाले फलों में पपीता, केला, सेब, अनार, अंगूर व संतरे शामिल हैं। सर्वाधिक बढ़ोतरी इलाहाबादी अमरूद के दाम में हुई है। इसका रेट 100 रुपये से बढ़कर सीधे 150 रुपये किलो हो चुका है। पूरे महीने फलों की डिमांड बनी रहेगी। पानी वाला नारियल 70 से लेकर 100 रुपये तक के बीच में प्रति पीस की दर से बिक रहा है। व्यापारियों के अनुसार, रेट अभी और बढ़ने की आशंका है।
रोडवेज बस स्टेशन के निकट फल कारोबारी निजामुद्दीन ने बताया कि अंगूर 160 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। काला अंगूर 240 रुपये किलो तो ड्रैगन फ्रूट 100 रुपये प्रति पीस बिक रहा है। जबकि केला 60 रुपये और सेब 160 रुपये किलो की दर से बिक रहे हैं। संतरा 60 रुपये, अनार 160 रुपये किलो और बट्टी 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। सभी फलों के दाम में औसतन 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
दाम बढ़े तो कम हो गई खरीदारी
नगर पालिका शास्त्रीनगर निवासी अमजद, सुल्तान, अनीस अंसारी व जमील कुरैशी ने बताया कि रोजा रखने वाले पूरे दिन भूखे-प्यासे रहते हैं। रोजेदार शाम को रोजा खोलने में फल का अधिक प्रयोग करते हैं जिससे इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे। पहले गर्मियों में रमजान पड़ता था लेकिन इस बार फरवरी में रमजान पड़ने की वजह से तरह-तरह के फल तो जरूर बाजार में हैं लेकिन दाम बढ़ने से लोग कम मात्रा में फलों का सेवन करते हैं। पहले जो फल एक किलो खरीदते थे अब आधा किलो खरीद रहे हैं।