महराजगंज। जिले में प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना की प्रगति अब धीमी हो गई है। जहां एक ओर नई रेल लाइन निर्माण के लिए 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर नौ नए गांवों में अब भी अधिग्रहण की प्रक्रिया अधर में लटकी है।
इन गांवों के लिए फाइनल गजट पहले ही जारी हो चुका है, लेकिन मुआवजा निर्धारण अवार्ड की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है।
जानकारी के अनुसार, जिले में प्रस्तावित नई रेल लाइन निर्माण के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया घुघली से लेकर महराजगंज-आनंदनगर तक कुल 52.70 किलोमीटर लंबी रेल लाइन ट्रैक बिछाने की योजना प्रस्तावित है। इसके लिए कुल 57 गांवों की 194 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। परियोजना के तहत पहले चरण में जिले के सदर तहसील क्षेत्र के 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
रेलवे लाइन बिछाने में कई स्थानों पर पहले अधिग्रहित भूमि के अतिरिक्त थोड़ी और भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए भूमि अध्याप्ति विभाग और रेलवे विभाग की ओर से मूल्यांकन कराया गया। इस नए मूल्यांकन के आधार पर यह तय हुआ कि अतिरिक्त 11 गांवों की कुछ जमीन भी परियोजना के लिए जरूरत है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भूमि अध्याप्ति विभाग का कहना है कि अतिरिक्त 11 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए अवार्डेड बनकर तैयार हो चुका है।
इन गांवों में किसानों को भूमि के बदले मुआवजा देने के लिए विभाग की ओर से 100 करोड़ रुपये का रेलवे मंत्रालय विभाग से मांग किया गया था। इसमें 80 कराेड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन भूमि अध्याप्ति विभाग के सुस्ती के कारण अभी तक इन गांवों में किसानों को मुआवजा राशि देने के लिए अवार्डेड नहीं बन सका है।
इससे परियोजना को आगे बढ़ने में दिक्कत हो रही है। महुआ के अदालत, नगीना, रोहित, सुवंश ने बताया कि मुआवजा अभी नहीं मिला है। पता नहीं किन कारणों से मुआवजे की राशि खाते में नहीं आई है।