जिले के 28 राजकीय विद्यालयों में नियमित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शुरू होगा
पढ़ाई के साथ मानसिक, शारीरिक मजबूती और आत्मविश्वास बढ़ाने पर रहेगा फोकस
सिद्धार्थनगर। जिले के राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। नई शिक्षा नीति के अनुरूप उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिले के 28 राजकीय इंटर कॉलेजों में छात्राओं के लिए नियमित जूडो-कराटे प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसके तहत प्रतिदिन 40 मिनट की कक्षाएं संचालित होंगी ताकि छात्राएं किसी भी विपरीत परिस्थिति में आत्मविश्वास के साथ अपना बचाव कर सकें।
सरकार शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों और छात्राओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में राजकीय विद्यालयों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने सभी संबंधित प्रधानाचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशिक्षण शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नियमित रूप से संचालित होगा।
प्रशिक्षित कोच छात्राओं को जूडो-कराटे की बुनियादी तकनीकें, आपात स्थिति में आत्मरक्षा, मानसिक संतुलन, अनुशासन और शारीरिक फिटनेस का प्रशिक्षण देंगे। इससे छात्राओं में आत्मरक्षा की क्षमता विकसित होने के साथ नेतृत्व कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। विद्यालय प्रबंधन को प्रशिक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन 40 मिनट का समय इस प्रशिक्षण के लिए निर्धारित किया जाएगा। इस दौरान छात्राएं वार्मअप, शारीरिक व्यायाम, संतुलन बनाने की तकनीक, जूडो-कराटे के दांव-पेच, बचाव के तरीके और आपात परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने का अभ्यास करेंगी। नियमित अभ्यास से उनकी शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता में भी सुधार होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राएं न केवल स्कूल आने-जाने के दौरान अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी, बल्कि भविष्य में पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा सेवाओं में कॅरिअर बनाने के लिए भी बेहतर रूप से तैयार होंगी। नियमित शारीरिक गतिविधियों से उनका स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा और खेलों के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि जिले के सभी 28 राजकीय विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से जूडो-कराटे प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा। प्रशिक्षकों की उपलब्धता, समय-सारिणी और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि पूरे शैक्षणिक सत्र में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके।
-
प्रशिक्षण में ये सीखेंगी छात्राएं
- प्रतिदिन 40 मिनट का नियमित प्रशिक्षण
- जूडो-कराटे की बुनियादी तकनीकें
- आत्मरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के तरीके
- शारीरिक फिटनेस, संतुलन और अनुशासन
- आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और त्वरित निर्णय लेने का अभ्यास