महराजगंज। जिले में बाढ़ से बचाव के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। 29 बाढ़ चौकियों की स्थापना के साथ ही 291 गोताखोर की व्यवस्था है। इसके अलावा अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था भी कर ली गई है। हालांकि बांधों पर काम अभी जारी है।
राशन से लेकर दवा व परिवहन का मुकम्मल इंतजाम है। नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मानसून की पहली दस्तक के साथ ही प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए कमर कस ली है। हर साल की तरह इस बार भी नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
जलभराव और नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क मोड़ पर है।
29 बाढ़ चौकियों पर लगातार 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने 291 प्रशिक्षित गोताखोरों की व्यवस्था की है और 208 नाविकों को तैनात किया है। साथ ही 70 नाव पहले से ही संभावित बाढ़ क्षेत्रों में तैनात हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने के लिए प्रशासन 25 खाद्यान्न वितरण केंद्रों की स्थापना किया है। जहां जरूरतमंदों को राशन और आवश्यक सामाग्री वितरित की जाएगी।
इसके साथ ही 21 स्थानों पर पशुओं के लिए अस्थाई शरणालय बनाएं गए हैं। ताकि मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके। बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए 19 राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं।
मशीनरी और परिवहन संसाधनों की व्यवस्था : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने मशीनरी और परिवहन संसाधनों की भी पर्याप्त व्यवस्था की है। जिले में 163 जेसीबी मशीनें 1583 ट्रैक्टर और 2120 पिकअप रखा गया है। ये मशीनें बाढ़ के दौरान सड़क मार्ग बहाल करने और बांधों की मरम्मत और राहत सामग्री पहुंचाने में उपयोगी होगी।