महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से लगे बाजारों में करोड़ों का कारोबार चौपट हो गया। नेपाल में 100 रुपये से अधिक मूल्य का सामान लेकर जाने पर नेपाल सरकार कस्टम शुल्क ले रही है। इधर पंद्रह दिनों ने ज्यादा सख्ती बरती जा रही है। नेपाल कस्टम सूचना चस्पा करने के साथ माइक से घोषणा कर इस नियम के बारे में जानकारी दी। इससे नेपाल के ग्राहक भारतीय सीमा में नहीं आ रहे हैं। सीमावर्ती बाजारों में कारोबार चौपट हो गया है।
जानकारी के अनुसार, कारोबारी दिन भर दुकान खोलकर ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं और शाम को वापस चले जा रहे हैं। कई दुकानों में बिक्री तक नहीं हो पा रही है। नेपाली ग्राहकों ने आना कम कर दिया है। कारोबार चौपट हो गया है। इसे लेकर शुक्रवार को सोनौली व्यापारियों को प्रतिनिधिमंडल व्यापार मंडल तहसील अध्यक्ष सुभाष जायसवाल के नेतृत्व में भैरहवा भंसार चीफ से मुलाकात कर 100 रुपये नेपाली के सामानों पर कस्टम शुल्क को लेकर बातचीत की। दायरा बढ़ाते हुए 3000 से 5000 रुपये तक करने की मांग की। जब भारत नेपाल की सीमा पर इस नियम को लेकर कहीं कड़ाई नहीं की जा रही है, तो सिर्फ सोनौली सीमा पर ही ऐसा क्यों हो रहा है। इसको लेकर व्यापारियों ने लाउडस्पीकर से प्रचार बंद कराने की मांग की।
कस्टम विभाग ने नेपाल शांति द्वार के पास भंसार के सामने घेराबंदी करते हुए भारत से आने वाले लोगों को सामान के साथ नेपाल कस्टम शुल्क जमा करने के लिए भेज रहे हैं। 100 रुपए भारतीय मुद्रा 62.50 से अधिक के समान पर नेपाल कस्टम शुल्क जमा करना पड़ रहा है। नेपाल के ग्राहक धीरे धीरे भारतीय बाजारों में आना छोड़ दिया। भैरहवा शुल्क कार्यालय ने राजस्व कर के अनिवार्य भुगतान के नियम को लागू करने का निर्णय लेते हुए भंसार कार्यालय के बाहर नोटिस चिपका दिया है।
भैरहवा भंसार चीफ नारद गौतम ने कहा कि नेपाल की जनता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्रालय को पत्र लिख कर 100 रुपये से ज्यादा छूट करने की बात कही गई है। किसी को समस्या न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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कम कीमत पर सामान मिलने के कारण भारतीय क्षेत्र में आते नेपाली ग्राहक
भारतीय बाजार में कम कीमत में दैनिक उपभोग की वस्तुओं के मिलने के कारण हजारों लोग प्रतिदिन खरीदारी करने के लिए सीमावर्ती बाजार सोनौली , भगवानपुर , डाली, पेंडारी, बरगदवा, ठूठीबारी, मलिकपरसा भारत आते हैं। नेपाल के व्यापारियों का तर्क है कि नेपाली ग्राहकों के भारतीय बाजार में आकर खरीदारी करने से नेपाली बाजार प्रभावित हो रहा है। सीमा शुल्क नियमों के अनुसार सीमा शुल्क कार्यालय, यात्री शाखा के माध्यम से 100 रुपये से अधिक के माल पर अनिवार्य राजस्व भुगतान करने के नियम को कड़ा कर दिया है। यह शुल्क अलग-अलग वस्तुओं पर पांच से 20 प्रतिशत के हिसाब से लगाए गए हैं। कई चीजों में 35 प्रतिशत भी शुल्क लगाया गया है। कानून का कोई उल्लंघन कर चोरी-छिपे ना निकल जाए, इस कारण सीमा से लेकर भंसार क्षेत्र तक जगह-जगह नेपाल सशस्त्र बल एवं नेपाल पुलिस की तैनाती की गई है।
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प्रतिदिन तीन करोड़ रुपये से अधिक होता था
व्यापारियों के अनुसार, सोनौली कस्बे का व्यापार जहां प्रतिदिन तीन करोड़ रुपये से अधिक होता था। वही त्योहारों में पांच करोड़ पार हो जाता था, आज की स्थिति यह है कि, सैकड़ो दुकान में बिक्री का इंतजार किया जा रहा है। सोनौली बाजार से नेपाली ग्राहक कपड़ा, किराना, बर्तन सहित अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। सोनू साहू ने कहा कि जहां इस नियम से सीमावर्ती बाजारों का व्यापार मंदा हो रहा है, वहीं नेपाली जनता भी परेशान है।
छोटे बाजारों में कम आ रहे नेपाली ग्राहक
सीमावर्ती गांव एवं नगर के मुख्य बाजार सोनौली व ठूठीबारी है। जहां से सप्ताह में दिन के बाजार में करोड़ो रुपए के कारोबार के साथ हजारों लोगों की रोजी रोटी चल जाती थी। सोनौली के फरेनियां बाजार, हरदी डाली खनुवा, भगवानपुर, पेंडारी, मलिक परसा, बरगदवा और ठूठीबारी में बड़ा बाजार लगता है। जहां से कपड़े, सब्जी, फल, जूता, बर्तन, किराने की वस्तुएं, कास्मेटिक के सामानों की खरीददारी के लिए नेपाली ग्राहक पहुंचते थे। अब यहां कम नेपाली ग्राहक आ रहे हैं।
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एसडीएम को व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन
नेपाल भंसार की ओर लाउडस्पीकर लगाकर नियम के बारे में जानकारी देने को लेकर कारोबारियों ने एसडीएम नौतनवा दिनेश कुमार मिश्र और एसएसबी के सेनानायक शंकर सिंह से मुलाकात की। ज्ञापन सौंप कर समस्या से अवगत कराया। इस मौके पर आनंद जायसवाल, नीरज जायसवाल, कमल गुप्ता, सागर आदि मौजूद रहे।