महराजगंज। नेपाल में कर्फ्यू के बाद युवाओं का उपद्रव थम गया है। सोनौली सीमा पर ट्रकों की 10 किमी लंबी कतार लगी है। भारतीय सीमा क्षेत्र सामान नेपाल नहीं जा रहा है। रूपनदेही, लुंबिनी, महेशपुर, नवल परासी क्षेत्र में शांति का माहौल है। नेपाल में फंसे पर्यटक धीरे-धीरे भारतीय क्षेत्र में आ रहे हैं। सीमा पर राहत शिविर बनाया गया है। यहां पर्यटकों की जांच के साथ ही जरूरी सहायता दी जा रही है। दोनों तरफ सुरक्षा कर्मी कड़ी नजर बनाए रखे हैं।
रूपनदेही जिले के भैरहवा और बुटवल में कर्फ्यू लगने से सड़कें सुनीं हो गई हैं। नेपाल आर्मी की बृहस्पतिवार को कर्फ्यू के दौरान लाउडस्पीकर पर घरों से नहीं निकलने की घोषणा के बाद लोग घरों में कैद हो गए हैं। आसपास के इलाकों में तीन दिनों से तनावपूर्ण था। बृहस्पतिवार से जिंदगी आसान हो गई है। सुबह सात से नौ बजे तक कर्फ्यू में मिली छूट पर लोग जरूरत की समान खरीदने के लिए निकले। परिवहन और दैनिक गतिविधियां आज धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। दिल्ली मुंबई सहित अन्य स्थानों से नेपाल गए पर्यटक वापस आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को करीब 2100 पर्यटक जो बीते तीन दिनों से नेपाल के होटलों में फंसे थे। वह बॉर्डर पहुंचे। उन्हें जांच के बाद भारत में प्रवेश दिया गया।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही भैरहवा के बाजार क्षेत्र में दुकानें खुलने लगी हैं। सब्जी मंडियों, किराना दुकानों, दवा की दुकानों और अन्य आवश्यक सेवाओं में भीड़ देखी गई।
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कर्फ्यू में दो घंटे की ढील, नौ बजे फिर लगा कर्फ्यू
महराजगंज। नेपाल के रूपनदेही जिले में युवाओं के प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार की रात आठ बजे से अनिश्चित समय के लिए कर्फ्यू लगा दिया था। प्रशासन ने बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे से नौ बजे तक दो घंटे की कर्फ्यू में ढील दी थी। डीएम रूपनदेही टोकराज पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह 7 से 9 कर्फ्यू में छूट दी गई। फिर सुबह 9 बजे से शाम को 7 बजे तक कर्फ्यू जारी रहेगा। संवाद
काठमांडों पोखरा के लिए बसों का संचालन शुरू
आंदोलन के दौरान ठप पड़ा सार्वजनिक परिवहन बृहस्पतिवार से धीरे-धीरे फिर से शुरू हो गया है। बुटवल सड़क खंड पर नेशनल हाइवे पर सुबह से काठमांडों और पोखरा रूट पर बसों का परिचालन शुरू होने से यात्रियों को राहत मिली है। लंबी दूरी की परिवहन सेवाएं अभी पूरी तरह से चालू नहीं हुई हैं। बस संचालकों ने कहा है कि जब तक स्थिति स्थिर नहीं हो जाती, वे सेवाएं शुरू नहीं करेंगे।
संविधान विरोध की खबर के बाद सेना ने कड़ी की सुरक्षा
काठमांडू में फिर से युवाओं के विरोध प्रदर्शन की खबर के बाद नेपाली सेना ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। सेना ने काठमांडों घाटी में विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सेना काठमांडों में मैतीघर, कालीमाटी, नक्सल, कमलपोखरी और सुंधरा आदि स्थानों पर गश्त कर रही है। वाहनों में यात्रा करने वालों की भी जांच कर रहे हैं। नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल तैनात है।
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भंसार में रुकी फल-सब्जी की गाड़ियों को पास कराने की प्रकिया शुरू
22 सब्जी और 14 आलू-प्याज की गाड़ियाें की चल रही है प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनौली। भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर से सटे भैरहवा भंसार कार्यालय में जांच पास की प्रकिया बृहस्पतिवार की शाम चार बजे से शुरू हो गई है। इस दौरान सोमवार से पास होकर नेपाली सीमा में फंसे भारत आयात होने वाले विभिन्न मालवाहक ट्रक को भंसार कार्यालय की ओर से निर्देश मिलने के बाद भारत भेज दिया गया। इसी तरह रविवार और सोमवार को नेपाल भंसार कार्यालय में निर्यात होने वाले फल-सब्जी अन्य कच्चे समान को एजेंट पास कराने की प्रकिया में है।
बृहस्पतिवार को रूपनदेही जिले में स्थिति सामान्य होने के बाद व्यापारिक गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू होने लगी है। बृहस्पतिवार को चौथे दिन लागू कर्फ्यू के बीच भैरहवा भंसार कार्यालय में व्यापारिक गतिविधियां आंशिक रूप से बहाल कर दी गई। सोमवार की शाम से अचानक कर्फ्यू लगने के बाद भारत आयात होने वाली सीमेंट किलिंकर तेल की आठ गाड़ियां जो पास होकर फंसी थी। उन्हें क्लियरेंस मिलने के बाद भारत में भेज दिया गया। रविवार व सोमवार को भारत से निर्यात की गई 22 सब्जी 14 आलूप्याज की गाड़ियां जांच पास होने की प्रकिया में है।
कारोबारी सन्नी गुप्ता ने बताया कि भंसार कार्यालय के अंदर कर्फ्यू के बाद करीब 40 कच्चे सामानों की गाड़ियां रुकी थी। जिन्हें विभाग ने पास कराने की अनुमति दिया है। जो शाम सात बजे कर्फ्यू समाप्त होने के बाद नेपाल गंतव्य को रवाना होंगी।
आंदोलकारियों ने भारतीय पर्यटकों के बस पर किए थे हमला
सोनौली। नेपाल यात्रा पर बनारस से 49 लोगों का, हैदराबाद का एक दल आठ दिन के लिए नेपाल गया था। बीते नौ सितंबर को आंदोलनकारियों ने काठमांडों में बस पर पथराव कर शीशा तोड़ डाला और यात्रियों पर हमला किया। इसमें आठ भारतीय पर्यटक घायल हो गए।
बृहस्पतिवार को जैसे सोनौली सीमा पर बस पहुंची, चालक और परिचालक रोने लगे कहा की हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव हुआ है। अब कभी नेपाल नहीं जाएंगे।
चालक विनोद और गाइड श्यामू निषाद नें बताया आंदोलनकारी गाली देते हुए गाड़ी पर हमला कर लोगों को घायल कर दिया था। गाड़ी में तोड़-फोड़ और यात्रियों सें लूट की। बताया सभी यात्री प्लेन से काठमांडू भारतीय दूतावास के सहयोग से दिल्ली चले गए। खाना बनाने वाले चार लोग, एक चालक, एक परिचालक और एक गाइड के साथ वापस आए हैं।