घटना के बाद अमन के पिता रो-रो कर बेहाल हैं।
- फोटो : अमर उजाला
ठूठीबारी में स्क्रैप के विस्फोट में भले ही चाचा-भतीजे की मौत हुई तो लेकिन इस घटना ने दो परिवारों का ‘सहारा’छीन लिया। ठूठीबारी के केवटलिया निवासी बिकाऊ और हीरामन दोनों सगे भाई है। हीरामन और उनकी पत्नी पिंगला देवी दोनों पैर से दिव्यांग हैं। पांच साल पहले जब अमन पैदा हुआ तो मोहल्ले के लोगों ने कहा कि दोनो दिव्यांगों को सहारा मिल गया।
लेकिन कुदरत दोनों से इस तरह सहारे को छीन लेकिन किसी ने सोचा भी न था। एक माह पूर्व पत्नी पिंगला देवी बेटे अमन(5) और बेटी रुकमिणी(1) को लेकर मायके हडखोड़ा र्गइं थी। वृहस्पतिवार को वह घर पहुंची। अमन घर पहुंचते ही कबाड़ छांट रहा था और बिकाऊ के पास पहुंच खड़े होकर स्क्रैप तोड़ रहे थे।
इसी बीच अचानक उसी दौरान हुए तेज विस्फोट से बिकाऊ और अमन की मौत हो गई।
इस घटना में एक ओर बिकाऊ के परिवार के ऊपर से उसका और दूसरी ओर हीरामन व पिंगला के बुढ़ापे का सहारा छिन गया।