घुघली। ग्राम प्रधान और लेखपाल की मिली भगत से मेदनीपुर गांव के नरायन टोला में 26 डिसमिल क्षेत्रफल का एक पोखरा सप्ताह भर में मैदान बन गया। इस मैदान पर अब दुकानें लगाकर अतिक्रमण भी शुरू हो गया है। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद दबंगों ने यहां जेसीबी मशीन लगाकर दिन-रात इस काम को अंजाम दिया।
एक ओर सर्वोच्च न्यायालय ग्राम सभा के पोखरों और अन्य जल स्त्रोत को अतिक्रमण मुक्त करने का फरमान सुनाया है। वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र के पोखरों को एक साजिश के तहत पाटने का काम किया जा रहा है।
मेदनीपुर गांव के नारायन टोला का यह पोखरा गांव के बीच में है। इसमें पर्याप्त मात्रा पानी भरा रहता था। आग जैसी घटनाओं में इसकी मदद मिलती थी। लेकिन जमीन के कुछ लालची लोगों ने इस पर गिद्ध दृष्टि डाल दी है।
स्थिति यह है की अब पोखरे की जगह लंबा चौड़ा मैदान बन गया है। दबंगों ने किनारों पर दुकानें और जानवरों को खिलाने के लिए नाद भी बनवा दिया है। इस घटना से गांव में अफरा तफरी का माहौल है ।
इस संबंध में हल्का लेखपाल शेषनाथ वर्मा का कहना है कि अतिक्रमण की जानकारी है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसके तहत कार्रवाई भी हो चुकी है।
वहीं ग्राम प्रधान रमेश वर्मा ने कहा की ग्रामीणों की मनमानी है। इसकी जानकारी लेखपाल को है। कारवाई वह करेंगे ।