महदेवा दूबे गांव में फर्श की खुदाई कर युवक का शव निकालने के दौरान लो॒गों की भीड़ लगी रही।
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महराजगंज-गोरखपुर। फरेंदा क्षेत्र के महदेवा दूबे गांव के एक मकान में खुदाई करवा कर गोरखपुर के कैंट थाने की पुलिस ने बुधवार को शव बाहर निकाला। घर में दफन किए गए शख्स की हत्या गोरखपुर में किए जाने की जानकारी मिली है। हत्यारोपी हाथ आने के बाद भी पुलिस हत्या का मकसद और गोरखपुर से शव फरेंदा क्षेत्र तक ले जाने के तरीके को नहीं जान सकी है। इसकी कोशिशें जारी हैं।
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे जब स्थानीय पुलिस के साथ गोरखपुर कैंट थाने की टीम पहुंची तभी आसपास के लोगों को घर के भीतर शव दफन होने की जानकारी मिली। यहां तक पहुंचने में पुलिस टीम के साथ मौजूद दीपक तिवारी मददगार बना, जिस पर इस कत्ल का आरोप है। बताते हैं कि कैंट पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद जब दीपक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने मोतिहारी (बिहार) के पांच मंदिर रोड निवासी जितेंद्र तिवारी की हत्या कर शव को फरेंदा थाना क्षेत्र के महदेवा दूबे स्थित अपनी ननिहाल के घर के अंदर दफनाने की बात स्वीकार की। इसके बाद मौके पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में घर में दफन शव बाहर निकलवाया। हत्या की वजह और तरीका जानने की कोशिश जारी है।
शरीर पर कई जगह हैं गंभीर चोट के निशान
फरेंदा। महदेवा दूबे के मकान का फर्श खोदकर हत्या के बाद दफन शव निकालने के बाद पुलिस ने देखा तो शरीर पर कई जगह गंभीर चोट के निशान सामने आए। पहली नजर में देखने से महसूस हुआ कि बदले की नीयत से युवक को नृशंस तरीके से चोटें पहुंचाकर कत्ल किया गया है। कुछ खास जगहों पर चोट के निशान से वारदात के पीछे अवैध संबंधों का शक भी उठा, हालांकि पुलिस अभी अवैध संबंधों के शक के साथ-साथ अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी, जिसमें हत्या के वक्त और हत्या के तरीके का पता चलने के साथ-साथ और कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। इन तथ्यों को जुटाने के बाद भी पुलिस पूरे मामले में छिपे राज का खुलासा करेगी।
पुलिस गिरफ्त से भागने की कोशिश की
फरेंदा। महदेवा दूबे में युवक के शव को निकालने के बाद जिस वक्त पुलिस आरोपी दीपक तिवारी को गाड़ी में बैठाने के लिए ले जा रही थी तब उसने गिरफ्त से छूटकर भागने की कोशिश भी की। करीब पांच सौ मीटर तक दौड़ गए दीपक को जल्द ही घेरकर काबू कर लिया गया।