मौके पर पंहुचे एसपी प्रमोद कुमार पुलिस अधिकारियों से पूछताछ करते हुए।
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खनुआ। शंभू यादव की हत्या कई सवालों को समेटे हुए है। खजनी क्षेत्र के रहने वाले शंभू नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली में पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी की संपत्तियों की देख रेख करते थे। वहीं तिवारी के आवास पर रहते भी थे। शुक्रवार को पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रहलाद प्रसाद के युवा पुत्र के असामायिक निधन पर नौतनवा उनके आवास पर ब्रम्हभोज का आयोजन था। इसमें हरिशंकर तिवारी भी आमंत्रित थे। शाम करीब छह बजे वे शंभू के बोलेरो से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। वहां से उनके जाते ही घटना हुई। शंभू की हत्या से नौतनवा कस्बेे में सनसनी फैल गई।
शंभू की हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में पुलिस जुट गई है। बदमाशों ने शंभू के बोलेरो पर उस वक्त फायर किया जब वे तिवारी को बाईपास तक छोड़ कर वापस आ रहे थे। कयास लगाया जा रहा है कि हमले से भयभीत शंभू गाड़ी छोड़कर भागे तो उनके सिर पर कई राउंड गोलियां दागकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।
बताया जाता है कि शंभू स्वयं आत्मरक्षा के लिए रिवाल्वर लेकर चलते थे। घटना के वक्त भी उनके कमर में नंगी रिवाल्वर मौजूद थी लेकिन आत्मरक्षा के लिए वे उसका इस्तेमाल नहीं कर सके। बताते हैं कि बदमाश शंभू के जवाबी कार्रवाई से सतर्क थे।
हत्या में जिस असलहे का इस्तेमाल किया गया वह बेहद अत्याधुनिक था। शंभू के सर का मांस काफी दूर तक छिटका हुआ था। कुछ दूर स्थित एक दीवार में मांस का टुकड़ा चिपका हुआ पाया गया। मौके पर मौजूद एसपी ने हर पहलू का सूक्ष्मता से मुआयना किया। लेकिन पुलिस किसी निष्कर्श पर नहीं पुहंची। नौतनवा थाने के एसओ का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है। शंभू के गृह क्षेत्र से भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस बीच हर जुबानं पर यह चर्चा थी कि आखिर शंभू की हत्या के पीछे क्या कारण हो सकता है?