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सुरेश की गिरफ्तारी पर सांसद खफा

Sat, 16 Jan 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में करारी हार से सपा तिलमिला गई है। इसी वजह से जिला पंचायत सदस्यों का उत्पीड़न कराया जा रहा है जो निंदनीय है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन हमारे धैर्य की परीक्षा न ले। उक्त चेतावनी सांसद पंकज चौधरी ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।
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सांसद ने शुक्रवार को कहा कि जिला पंचायत सदस्य सुरेश साहनी के गांव रानीपुर मेें पुलिस और गांव वालों के बीच मारपीट हुई थी। सुरेश साहनी मौजूद नहीं थे। पुतला जलाने के विवाद में फर्जी तहरीर लेकर उनको अभियुक्त बनाया गया। सुरेश साहनी ने कोर्ट के समक्ष समर्पण किया।

थानाध्यक्ष ने रिपोर्ट में अभियुक्त न पाया जाना बताया। जिस पर कोर्ट ने सुरेश साहनी को दोषमुक्त कर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सुरेश साहनी ने भाजपा का साथ दिया था। इससे चिढ़कर सपा के पूर्व सांसद ने प्रशासन पर दबाव डाल कर निषाद समुदाय के जुझारू नेता व जिला पंचायत सदस्य सुरेश साहनी को रात में गिरफ्तार करा दिया।
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 यह प्रशासन की हठधर्मिता एवं पुलिसिया उत्पीड़न का प्रमाण है। सांसद ने कहा कि निषाद बिरादरी के इस नेता की लोकप्रियता वहां के क्षेत्रीय विधायक को रास नहीं आई तो फंसाने का कुचक्र रचा। पनियरा के थानाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य रामसूरत यादव और भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के साथथे। इसलिए उनको दो माह पूर्व सोहांस में घटी घटना में वांछित बना कर तलाश कर रही है।

 चौक थानाध्यक्ष भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य पति वीरेन्द्र भारती के घर जाकर सपा को वोट न देने के कारण गालियां दीं।्जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में प्रशासन की मिली भगत से सपा के लोगों ने जो तांडव नगर के चौराहे पर किया था। जनता उसे भूली नहीं है। सांसद ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि कहा कि धैर्य की परीक्षा न ले। ओछी हरकतों पर रोक नहीं लगी तो भाजपा जन आंदोलन के लिए विवश होगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक की होगी।
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