महराजगंज/निचलौल। बैंकों में कैश की किल्लत से जूझते लोगों का आक्रोश मंगलवार को एसबीआई कर्मियों के खिलाफ फूट पड़ा। बैंक में कैश खत्म होने की सूचना चस्पां होते ही आक्रोशित लोग सड़क पर उतर गए और बैंककर्मियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आवागमन बाधित कर दिया। करीब दो घंटे तक निचलौल-सिसवां मुख्य मार्ग जाम रहा। इससे लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
नोटबंदी को 55 दिनों बाद भी बैंकों में कैश की किल्लत बरकरार है। मंगलवार को सुबह पांच बजे से ही नकदी के लिए एसबीआई की घोड़हवां शाखा के बाहर कतार में खडे़ लोगों को दोपहर के ढाई बजे तक कैश नहीं मिला तो उनका धैर्य जवाब दे गया।
आक्रोशित लोगों ने बैंक कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निचलौल सिसवां मुख्य मार्ग पर बैठ गए और रास्ता जाम कर दिया। लोगों का कहना है सोमवार दोपहर बाद से ही बैंक में कैश न होने पर बैंक कर्मियों ने टोकन देकर मंगलवार को भुगतान का आश्वासन दिया था लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा है।
लोगों ने आरोप लगाया कि दलालों को बैक डोर से भुगतान किया जा रहा है। सूचना पर पहुंचे एसओ सुधीर कुमार सिंह ने लोगों को समझा बुझा कर किसी तरह मामला शांत कराया और सड़क से जाम हटवाया। इस दौरान करीब दो घंटे तक निचलौल-सिसवां मार्ग जाम रहा। जिससे राहगीरों खास कर स्कूली बच्चों को भारी दुश्वारियांे का सामना करना पड़ा।
नोटबंदी के बाद से ही बंद पडे़ एटीएम
निचलौल। नोटबंदी के बाद से नगर में स्थित सभी एटीएम में ताले लटक रहे हैं। इस वजह से बैंकों के बाहर लगने वाली कतार घटने का नाम नहीं ले रही है। इधर, बैंकों में कैश की कमी से समस्या और भी विकराल रूप लेती जा रही है। नगर के थाना रोड स्थित पांच एटीएम में से एक यूनियन बैंक का एटीएम कभी-कभार खुलता भी है तो घंटे दो घंटे में ही ड्राई हो जाता है। एसबीआई और सेंट्रल बैंक के एटीएम तो महीनों से बंद पडे़ हैं जबकि पीएनबी का एटीएम नोटबंदी के बाद से अबतक खुला ही नहीं।
इसको लेकर लोगों खासा आक्रोश है। बैंक की सेवा से नाराज ग्राहक सौरभ अग्रवाल, भोला वर्मा, दारा जायसवाल, अनिल मद्धेशिया, पन्ने लाल गुप्ता, दीपक वर्मा, अतुल मिश्र, नवीन दूबे, संजीव अग्रवाल, नियाज खां, रितेश दूबे, शमशाद आलम, डॉ. जितेंद्र मौर्य व सौरभ जायसवाल आदि ने एटीएम को नियमित खोलने की मांग की है।