हेलो, मैं राजेश बोल रहा हूं, मुझे नौकरी चाहिए
अपर एसडीएम को नहीं पहचान पाया ठगी करने वाला
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। हेलो, मैं राजेश बोल रहा हूं। मुझे नगर पालिका परिषद महराजगंज में नौकरी चाहिए। फोन सुनने वाले ने पहले अपने नियम शर्तों को बताना शुरू किया, इसके बाद मामला लेनदेन पर आ गया। फोन सुनने वाले ने एक लाख रुपये की मांग की। इधर से मांग के अनुरूप रकम देने के लिए हामी भर दी गई। फोन सुनने वाला युवक आया तो उसे दबोच लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।
यह वाकया अपर एसडीएम एवं प्रभारी अधिशासी अधिकारी नगर पालिका राजेश जायसवाल के साथ हुआ। शुक्रवार को वह कार्यालय कक्ष में बैठकर कुछ लोगों से बात कर रहे थे। इसी बीच धनेवा-धनेई के दिनेश, रवि, धर्मेंद्र आ गए। वह अपने को नगर पालिका का कर्मचारी बता रहे थे। उनके पास बाकायदा पहचान पत्र भी था। नियुक्ति पत्र भी उनके पास था। अपर एसडीएम उनके प्रपत्र को देखे तो चौंक गए। वह पूरी बात समझ गए। कार्यालय आए तीनों युवकों को उन्होंने बताया कि आप ठगी के शिकार हो गए हैं। पीड़ित रवि, धर्मेंद्र ने बताया कि पनियरा के रहने वाले दो लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर उन्होंने एक लाख 20 हजार रुपये नकद दिया था। रकम लेने के बाद दोनो ने एक कंपनी के नाम पर नियुक्ति पत्र दिया। लेकिन तीन माह बाद कुछ नहीं हुआ तो नगर पालिका पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई। इसके बाद हकीकत सामने आ गई। समस्या सुनने के बाद अपर एसडीएम ने स्वयं ठगी करने वालों को फोन मिलाया तो उन्हें भी वह नौकरी देने लगे। उनकी बातों को वह समझ नहीं पाया कि कौन बोल रहा है। इसके बाद वह रकम लेने के लिए महराजगंज चला आया। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया। पुलिस बुलाकर हवाले कर दिया गया। नगर चौकी इंचार्ज सुनील वर्मा ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।