आग से गरीब की झोपड़ी राख का ढेर बन गई।
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पुलिस और प्रशासन के समझाने के अलावा अखबारों में प्रकाशित खबरों का लोगों पर प्रभाव नहीं पड़ रहा है। डंठल जलाने से सैकड़ों एकड़ फसल और एक हजार से अधिक घर अबतक जल चुके हैं। बृहस्पतिवार को लुअठहवा में 92 घर जल गए। इसके बावजूद शुक्रवार को खेत में डंठल जलाने के कारण कई के घर राख हो गए।
मिठौरा प्रतिनिधि के मुताबिक पिपरा कल्याण में डंठल की आग से एक मकान जल गया। ग्राम सभा के पश्चिम में नहर की तरफ की किसी ने डंठल को जलाया था। आग फिरोज के मकान तक पहुंच गई। घर में रखे सात हजार नकदी सहित सारा सामान जल कर राख हो गया। पुलिस के पहुंचने के बाद गांव के लोगों ने तीन पम्पिंग सेट लगाकर आग पर काबू पाया।
घुघली प्रतिनिधि के अनुसार वार्ड संख्या एक में अचानक आग लग गई। तीन छप्पर के घरों का सारा सामान जल गया। दोपहर करीब दो बजे अचानक आग लगने से पथरकट समुदाय के मोछू, भुवर व गाटे की झोपड़ियां और उसमें रखे सामान जलकर राख हो गया। उस समय घर के अधिकांश लोग काम धंधे के चक्कर में बाहर थे। घर पर सिर्फ बच्चे थे। लोग जब तक आग पर काबू पाते तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया।
कोल्हुई प्रतिनिधि के मुताबिक सोनबरसा में आग लगने से दो सगे भाइयों के पक्के मकान जल गए। एक बकरी भी जलकर मर गई। दोपहर में तेज हवाओं के चलते लपटों के साथ दो पक्के मकानों में आग लग गई। सूचना पर थानाध्यक्ष प़ूरी टीम के साथ पहुंचे। फोन कर दमकल बुलवाया गया। अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया। रामरतन व शिवमंगल के मकान के साथ रोजमर्रा की सभी वस्तुएं जल गईं। पशुओं का चारा भूसा एक बकरी दरवाजे पर खड़ी बैलगाड़ी सहित सब कुछ जलकर राख हो गया ।धानी बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक कलनाखोर के पास एक व्यक्ति गेहूं का डंठल जला रहा था। तेज हवा के कारण आग की लपटें उठने लगीं और बगल के चिनगुद, बब्बन, भोला, वित्तन, मुंशी की झोपड़ी को अपने आगोश में ले लिया। घर का सारा सामान जल गया। हरिश्चंद, जगदम्बा का भूसा भी जलने लगा। पंपिंग सेट लगाकर गांव वालों ने काबू पा लिया।