महराजगंज। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में मंगलवार को माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नीना वर्मा ने कहा कि सही जानकारी से आधी आबादी संक्रमण और बीमारियों से बच सकती है। मासिक धर्म का आना कोई दोष नहीं है। सभी महिलाएं और किशोरियां पीरियड फ्रेंडली वर्ल्ड का हैशटैग सोशल प्लेटफाॅर्म पर लगाएं। सीएमओ कार्यालय के अलावा 200 आयुष्मान केंद्रों व उप स्वास्थ्य केंद्रों पर इसे मनाते हुए महिलाओं और किशोरियों को जागरूक किया गया।
सीएमओ ने कहा कि माहवारी कोई बीमारी नहीं है। न तो कोई दोष और न ही इससे कोई लड़की या महिला अपवित्र हो जाती हैं। इसके बावजूद मिथक और भ्रांतियों के कारण महिलाओं को इन मुश्किल दिनों में शारीरिक कष्ट के साथ मानसिक पीड़ा भी झेलनी पड़ती है। सही जानकारी न होने के कारण महिलाएं कई संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि माहवारी स्वच्छता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं को माहवारी स्वच्छता के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता के बारे में आधी आबादी को जागरूक करने के लिए जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जहां पर महिलाओं और किशोरियों तक संदेश दिया जा रहा है कि मासिक धर्म या माहवारी शरीर की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसमें साफ सफाई का विशेष महत्व है।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जनपदीय सलाहकार शिवेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव ने बताया कि आरकेएसके कार्यक्रम के तहत किशोरी सुरक्षा योजना के तहत सभी राजकीय स्कूलों में 10 से 19 वर्ष तक की किशोरियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेनेट्री पैड दिया जाता है। अवगत कराया कि जनपद के 200 उपकेंद्रों पर माहवारी स्वच्छता दिवस पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया जिनके द्वारा जनपद की करीब 2500 आशाओं और करीब 600 एएनएम को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह गतिविधियां 31 मई, 2024 तक जारी रहेगी। मुकेश त्रिपाठी, डॉ. संतोष कुमार ओझा, डॉ. सरनजीत कौर, हेमेंद्र चौबे, दुर्गेश सिंह, वरुण शाही, डॉ. केपी सिंह, डॉ.वीवी सिंह, पूजा, प्रीति आनंद, शशिबाला बीसीपीएम लवली वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
सीमा से सटे गांवों में महिलाओं को किया जागरूक
निचलौल। भारत नेपाल सरहद से सटे गांवों में मंगलवार को पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के तत्वावधान में नव ज्योति महिला संघर्ष मंडल की ओर से शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान सरहद से सटे महिलाओं को कई बिंदुओं पर जानकारी देकर जागरूक किया गया। सदस्य सिस्टर जगरानी ने कहा की अंतरराष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस पर सरहद से सटे गांव रेंगहिया और बहुआर शिविर का आयोजन कर स्वास्थ्य और स्वच्छता पर चर्चा कर महिलाओं को जागरूक किया गया। श्रवण कुमार, रामनगीना, शालिनी, साधना आदि मौजूद रहे। संवाद