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कोरोना महामारी ने छीन ली दो परिवारों की खुशियां

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मृतक रामअचल की मौत के बाद बेसहारा हुई बेटियां व उनकी पत्नी। - फोटो : MAHARAJGANJ
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कोरोना महामारी ने छीन ली दो परिवारों की खुशियां
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फरेंदा(महराजगंज)। कोरोना की दूसरी लहर ने ऐसा कहर बरसाया कि क्षेत्र के कई परिवार की खुशियां छीन गईं। किसी ने पिता को खोया तो किसी ने मां को। कोरोना ने दो परिवार को ऐसा दर्द दिया, जिसे वे जीवन भर भूल नहीं पाएंगे। पिता का साया सिर से उठने के बाद परिवार के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया। बच्चों के शिक्षा की चिंता भी सता रही है।
फरेंदा बुजुर्ग के जुगुलपुर निवासी 45 वर्षीय रामअचल की 15 मई को अचानक तबीयत खराब हो गई। उसे सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई तो परिवार परेशान हो उठा। परिजन उसे कस्बे के एक निजी अस्पताल ले गए। हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुुंचते ही रामअचल के सांसें थम गईं। रामअचल प्राइवेट कंपनी में काम कर परिवार की जीविका चलाते थे। उनकी चार बेटियां सुधा 21, सरिता 18, सविता 16, समीक्षा 8 व बेटा मनमोहक 14 वर्ष हैं। रामअचल की मौत के बाद परिवार बेसहारा हो गया है। पत्नी कौशिल्या देवी के सिर बेटियों की शादी और परवरिश की चिंता सता रही है। जीविका का कोई स्रोत नहीं होने से परिवार के पालन-पोषण के साथ बच्चों की शिक्षा दिलाने का दर्द उनकी आंसुओं में झलक रहा है।
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ठेला चलाकर परिवार का गुजर-बसर करते थे राजकुमार
फरेंदा। ठेला चलाकर परिवार का गुजर-बसर करने वाले राजकुमार की जिंदगी भी कोरोना ने छीन ली। उनके कंधे पर परिवार के साथ बूढे़ मां-बाप की जिम्मेदारी थी। फरेंदा बुजुर्ग के जुगुलपुर निवासी 42 वर्षीय राजकुमार दो भाइयों में बड़े थे। वह ठेले पर मूंगफली व केला बेचकर परिवार की रोजी-रोटी चलाते थे। 12 मई को उनकी अचानक तबीयत खराब हुई। सांस लेने में तकलीफ होने लगी तो परिवार के लोग सीएचसी बनकटी ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भर्ती कराया गया, वहां से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया। 30 मई को उनकी मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद बूढ़े मां-बाप के सहारा की लाठी टूट गई। बेटा आयुष व बेटी रागिनी के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी दुर्गावती पर दुख का पहाड़ टूट गया। परिवार की माली हालत बेहद खराब होने के कारणजीवन गुजराने पर भी संकट आ गया।
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कोरोना काल में गांव के दो लोगों की मौत के बाद परिवार असहाय हो गया है। उनके जीवन यापन के लिए सरकार की योजना का लाभ दिया जाएगा। आर्थिक मदद के लिए शासन से मांग की जाएगी।
सुकांत विश्वकर्मा, ग्राम प्रधान

मृतक राजकुमार की पत्नी, बेटी व बेटा।- फोटो : MAHARAJGANJ

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