कोई 40 साल से कर रहा कारोबार तो कोई 50 साल से दुकान पर बैठकर बिता रहा है जिंदगी
शहर में कॉलेज रोड होगा चौड़ा, ध्वस्त हो जाएंगी 200 से अधिक दुकानें, लंबे समय से दुकान चला रहे व्यापारियों को रात नहीं आ नींद, कारोबार को लेकर चिंतित, दुकान व्यवस्थित करने में हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शहर में बदलाव शुरू हो गया है। गुजरे वक्त के महराजगंज और वर्तमान महराजगंज की तस्वीर में अंतर है। सड़कें चौड़ी हो रही हैं। इससे लंबी दूरी का सफर आसान बन रहा है। इस सुखद पहलू के साथ कुछ दुखद पहलू भी हैं। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाली दुकानें जल्दी टूटेंगी। इससे व्यापारियों को रात में नींद नहीं लग रही है। सभी परेशान हैं। कोई 40 साल से कारोबार कर घर-गृहस्थी की गाड़ी चला रहा है, तो कोई 50 साल से दुकान पर बैठकर जिंदगी गुजार रहा है।
शहर का सबसे प्रमुख हिस्सा काॅलेज रोड है। लंबे समय से यहां सड़क के दोनों तरफ दुकानें हैं। अब यह सड़क चौड़ी होने वाली है। सब कुछ फाइल हो चुका है। बीते दिनों सीएम योगी ने महराजगंज-ठूठीबारी सड़क को फोरलेन होने की घोषणा भी कर दी। सड़क निर्माण की प्रकिया अंतिम चरण में है। एक-एक कर सभी जरूरी कार्रवाई पूरी की जा रही है। करीब 200 से अधिक दुकानें सड़क के दायरे में आ रही हैं।
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने महराजगंज से निचलौल, ठूठीबारी से नेपाल बाॅर्डर को जोड़ने वाले हाईवे को एनएच-730 एस नाम दिया है। 40 किमी लंबी यह सड़क तीस मीटर चौड़ी बनेगी। नगर के मुख्य चौराहे पर इसका टर्मिनल बनाया जाएगा।
एक्सईएन नेशनल हाईवे के पत्र पर वन विभाग ने सड़क के चौड़ीकरण में बाधक वृक्षों को काटने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी के साथ मिलकर सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के साथ ही डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बन रही है।
परिवहन का नेटवर्क मजबूत होगा
आने वाले दिनों में महराजगंज से ठूठीबारी होते हुए नेपाल बाॅर्डर तक हाईवे होगा। इससे नेपाल के साथ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। निचलौल तहसील से परिवहन का नेटवर्क मजबूत होगा। कारोबार में समस्या नहीं होगी।
शहर में कॉलेज रोड पर 11-11 मीटर चौड़ी होगी सड़क
हाईवे इंजीनियरिंग कंसल्टेंट भोपाल के अनुसार, यह राजमार्ग तीस मीटर चौड़ी होगा। बीच सड़क से दोनों तरफ 15-15 मीटर चौड़ाई के अंदर आने वाले पेड़ों की कटान कराई जाएगी। एनएच-730 एस नगर क्षेत्र में कॉलेज रोड पर बीच सड़क से दोनों तरफ 11-11 मीटर चौड़ा होगा।
दवा की दुकान करीब 40 साल से है। इस कारोबार से परिवार का गुजर-बसर होता है। उम्र धीरे-धीरे बढ़ रही है। दुकान टूटने के बारे में जब से जानकारी मिली है। रात में ठीक से नींद नहीं लगती है। भविष्य को सोचकर परेशानी हो रही है।
-अजय सराफ, दवा कारोबारी
अभी कहीं दूसरी जगह दुकान खोलने के लिए जमीन नहीं लिया हूं। शहर का यह प्रमुख हिस्सा है। दुकान टूट जाएगी तो परेशानी होगी। समस्या से निपटने के लिए समाधान ढूंढ़ रहा हूं। किताब की दुकान 42 साल से है।
-राधेश्याम, पुस्तक विक्रेता
करीब 50 साल का वक्त गुजर गया। चौड़ीकरण होने से व्यापारियों को ज्यादा नुकसान होगा, लेकिन क्या किया जा सकता है। बदलते शहर की तस्वीर को देखने में दुख झेलना ही पड़ेगा।
-विप्लव कुमार विश्वास, फोटो स्टूडियो
40 साल से दुकान संचालित हो रही है। वर्ष 1983 में दुकान खुली थी। अब सड़क चौड़ी हो रही है तो दुकान भी दायरे में आ रही है। इंतजार किया जा रहा है कि कब से तोड़फोड़ शुरू होगी। कारोबार कहीं और शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है।
-संतोष सिंघानिया, कपड़ा कारोबारी
किराने की दुकान खुले 40 साल हो चुके हैं। अब सुना है तो बीच सड़क से 11 मीटर दोनों तरफ सड़क चौड़ी होगी। इसके दायरे में दुकान आ रही है। समस्या से निपटने का उपाय ढूंढा जा रहा है।
-गोपी अग्रवाल, किराना कारोबारी
दूसरी जगह दुकान खोलने में ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ेगी। अभी कहीं दुकान देखा नहीं हूं। कपड़े का कारोबार 44 साल से इसी दुकान में कर रहा हूं। टूटेगा तो दुख होगा ही।
-कन्हैया लाल, कपड़ा व्यापारी