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Maharajganj News: सलाहकार अभियंता व तत्कालीन सचिव निलंबित, प्रधान पर होगी एफआईआरथ

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महराजगंज। नौतनवा की ग्राम पंचायत शेख फरेंदा स्थित अमृत सरोवर परिसर का गेट गिरने से बालक की मौत मामले में डीएम ने ग्राम प्रधान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तत्कालीन सचिव व कंसल्टिंग इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई की है। कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है।
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जानकारी के अनुसार, 20 जून को ग्राम पंचायत शेख फरेंदा स्थित अमृत सरोवर के पास कुछ बच्चे खेल रहे थे। तभी अचानक मुख्य गेट गिर गया था। गेट के नीचे दबने से विकास यादव (12) पुत्र वीरेंद्र यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि गेट बिना पिलर के लगाया गया था। केवल ईंट का पिलर लगाकर गेट लगा दिया गया था। पिलर में न तो कंक्रीट डाला गया था और न ही सरिया लगाई गई थी।
घटना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नौतनवा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा था। उन्होंने तीन दिन में टीम से जांच रिपोर्ट मांगी थी। जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में निर्माण कार्य के निष्पादन एवं पर्यवेक्षण में जिम्मेदारों की गंभीर लापरवाही सामने आई।
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समिति ने ग्राम प्रधान रामबचन उर्फ महेंद्र यादव, निवर्तमान ग्राम पंचायत सचिव अवधेश यादव और कंसल्टिंग इंजीनियर आदित्य चौधरी को घटना के लिए उत्तरदायी ठहराया है। इसके अतिरिक्त रोजगार सेवक द्वारा भी अपने दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरते जाने की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान रामबचन उर्फ महेंद्र यादव के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्हें प्रशासक के पद से पदच्युत किए जाने के लिए शासन को संदर्भित किया है।
निवर्तमान ग्राम पंचायत सचिव अवधेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं कंसल्टिंग इंजीनियर आदित्य चौधरी को समस्त शासकीय दायित्वों से विरत (निलंबित) करते हुए मुख्यालय से संबद्ध करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा रोजगार सेवक के विरुद्ध भी नियमानुसार विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने हेतु उपायुक्त श्रम रोजगार को निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासकीय योजनाओं के निर्माण कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनहानि के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। शासन की योजनाएं जनता के हित एवं सुविधा के लिए संचालित की जाती हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी मानकों की अनदेखी या दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अस्वीकार्य है।
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