उपवास में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पर चर्चा की
महराजगंज। रविवार को जिला परिषद में गांधी प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा अधिनियम को बचाने के लिए एक दिवसीय उपवास किया। जिलाध्यक्ष विजय सिंह की अध्यक्षता में हुए उपवास में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पर चर्चा की।
जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) बापू की ग्रामीण स्वराज की कल्पना को साकार करने के लिए तत्कालीन यूपीए सरकार की अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में शुरू किया गया था। योजना के तहत ग्रामीण अकुशल श्रमिकों को जॉब कार्ड के माध्यम से कम से कम 100 दिनों का रोजगार गारंटी प्राप्त था। रोजगार न मिलने पर 15 दिनों के बाद बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी था। योजना में 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी जबकि राज्य सरकारें मात्र 10 प्रतिशत का प्रतीकात्मक योगदान देती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने बापू के नाम को हटाने के उद्देश्य से योजना को नए सिरे से गठित किया है।
पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस इस मंशा का कड़ा विरोध और ग्राम पंचायत स्तर तक मजदूरों को संगठित कर आंदोलन करेगी। पूर्व महासचिव त्रिभुवन नारायण मिश्रा, पूर्व जिला अध्यक्ष झिनकू चौधरी और शरद कुमार सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों के रोजगार के मुद्दे पर भाजपा सिर्फ चिकनी-चुपड़ी बातें करती है। उनका असली उद्देश्य गरीबों को बर्बाद कर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना है।
इस दौरान सदा मोहन उपाध्याय, जयप्रकाश लाल, विनोद सिंह, रामनारायण प्रसाद, गोपाल शाही, नूर आलम, पूर्णमासी यादव, राजन शुक्ला, चंद्रजीत भारती, शंकर वर्मा, अजय द्विवेदी, मुमताज अंसारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर कपिल देव शुक्ला ने किया।