फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: मानसून से पहले फिर बढ़ी जिले के बिखराव की चिंता

Thu, 04 Jun 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। मानसून की दस्तक से पहले ही सिद्धार्थनगर में एक बार फिर कनेक्टिविटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाढ़ और कटान के दौरान टूटने वाले संपर्क मार्ग सिर्फ आवागमन नहीं रोकते बल्कि खेती, बाजार, इलाज और शिक्षा तक को प्रभावित करते हैं।
विज्ञापन

लंबा भूगोल, कमजोर सड़क नेटवर्क और छोटे-छोटे बाजारों में बंटी अर्थव्यवस्था जिले को अब तक मजबूत इकाई बनने से रोक रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नेपाल सीमा, कृषि क्षमता और बेहतर कनेक्टिविटी सिद्धार्थनगर की दिशा बदल सकते हैं। इटवा क्षेत्र के एक संपर्क मार्ग पर सड़क किनारे धंसी मिट्टी को देखते हुए किसान रामनरेश यादव की चिंता खेतों से ज्यादा रास्तों को लेकर है। मानसून अभी पूरी तरह आया भी नहीं है लेकिन उन्हें पता है कि कुछ हफ्तों बाद हालात क्या हो सकते हैं। वह कहते हैं कि बारिश शुरू हुई नहीं कि सबसे पहले यही डर लगता है कि अबकी कौन सा रास्ता कटेगा।
जानकारों के अनुसार प्रशासनिक नक्शे में सिद्धार्थनगर एक जिला जरूर है लेकिन जमीन पर इसकी तस्वीर कई हिस्सों में बंटी हुई दिखाई देती है। जिले के अलग-अलग इलाकों की अपनी दिशा, अपना बाजार और अपनी निर्भरता है। कहीं इलाज के लिए लोगों का रुख गोरखपुर की तरफ होता है। कहीं व्यापार बस्ती और नौतनवा के बाजारों से जुड़ा है तो सीमा क्षेत्र के कई गांवों की अर्थव्यवस्था नेपाल के बाजारों से प्रभावित होती है। मजबूत संपर्क और साझा आर्थिक ढांचे के अभाव में पूरा जिला आज भी एक सशक्त इकाई की तरह विकसित नहीं हो सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें