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Maharajganj News: पुल निर्माण शुरू होने के एक वर्ष बाद भी नहीं मिला मुआवजा, भटक रहे लोग

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नौतनवा-खनुआ मार्ग पर डंडा नदी पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम 79.88 मीटर लंबे पुल का कर रहा है निर्माण
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जून 2025 से शुरू हुआ निर्माण जून 2027 में होना है पूरा, 17 लोगों को नहीं किया गया है मुआवजे का भुगतान
महराजगंज। नौतनवा-खनुआ मार्ग पर डंडा नदी पर पुल निर्माण शुरू होने के एक वर्ष बाद भी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा 17 लोगों को नहीं मिला है। दो-दो बार सहमति देने के बाद भी जिम्मेदार काश्तकारों को एक साल से केवल आश्वासन दे रहे हैं। वहीं जेई का कहना है कि जल्द ही लोगों को मुआवजे का भुगतान कर दिया जाएगा। पुल के 95 डिस्मिल जमीन अधिगृहित की गई है।

नौतनवा-खनुवा के डाडा नाले पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम 79.88 मीटर लंबे पुल निर्माण कार्य करा रहा है। जून 2025 से शुरू पुल निर्माण कार्य को जून 2027 तक पूरा कर लेना है। पुल निर्माण की स्वीकृत लागत करीब 1090.98 लाख रुपये है। पुल निर्माण शुरू होने से पहले 17 किसानों की 95 डिस्मिल जमीन अधिग्रहित की गई थी। मुआवजे के लिए दो-दो बार सहमति पत्र भी बनाया गया लेकिन अभी तक किसानों को मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा सका है।
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हरदीडाली निवासी महेश ने बताया कि हम लोगों ने एक बार सहमति पत्र दिया था। उसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ। आरोप है कि करीब पांच माह पहले जिम्मेदारों ने यह कहते हुए दोबारा सहमति पत्र तैयार करवाया कि पहले का सहमति पत्र नहीं मिल रहा है। दोबारा सहमति पत्र देने के बाद भी लोगों का भुगतान नहीं किया गया। लोग भुगतान के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।

वहीं दुर्गा प्रसाद ने बताया कि जमीन का मुआवजा कम मिल रहा है। यहां कि जमीनें अब महंगी हो गई है। सेतु निगम 92,200 रुपये प्रति डिस्मिल की दर से भुगतान कर रहा है। जबकि हम लोग यहां के रेट के हिसाब से मुआवजा मांग रहे हैं।
पूर्व सांसद अखिलेश सिंह ने बताया कि अधिग्रहण में मेरी करीब 33 डिस्मिल जमीन जा रही है। लेकिन जमीन का मुआवजा भी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि पुल तो बना दिया जा रहा है लेकिन सड़क चौड़ी नहीं की गई है। इस संबंध में जब सेतु निगम के सहायक अभियंता अशोक कुमार तिवारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी। उनका फोन लगातार कवरेज क्षेत्र से बाहर बताता रहा।

17 किसानों से ली गई 95 डिस्मिल जमीन
पुल निर्माण के लिए 17 लोगों की 95 डिस्मिल जमीन अधिग्रहित की गई है। इसमें हरदीडाली के किसान महेश, सुरेश, दिनेश, कौशिल्या, कोईली, सत्यदेव, गुलाब, रामबृक्ष, गजेंद्र, रामरतन, सोनिया, राकेश, राजेश, महादेव, रामजोखन सहित अन्य शामिल हैं। वहीं हरदीडाली ग्राम प्रधान गोपाल नारायण चौधरी का 40 डिसमिल, दुर्गा निवासी हरदीडाली का चार डिस्मिल जमीन जा रही है।

तहसील दिवस में सौंपा था ज्ञापन
सोनौली कोतवाली क्षेत्र हरदीडाली गांव के महेश पासवान के नेतृत्व में सोमवार को तहसील दिवस पर करीब 12 लोगों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मुआवजा दिलाने की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि पुल निर्माण के लिए लोगों की जमीन अधिग्रहण की गई है लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। इस दौरान सुरेश पासवान, दिनेश, कौशिल्या, बेइली, गजेन्द्र, रामरतन, कौशिल्या, रामजोखन, राकेश पासवान, दिवाकर पासवान, शकुंतला, सुनीता, दिब्यांश, दीपू, रामबृक्ष, गुलाब सहित अन्य पहुंचे थे।

स्पीकअप
मुआवजे के लिए एक साल से भटक रहे हैं। अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। काम पूरा होने के बाद सेतु निगम के लोग चले जाएंगे तो हम लोग इनको कहां खोजेंगे।

-महेश, हरदीडाली पूरब टोला
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जमीन के हिसाब से उचित मुआवजा सेतु निगम नहीं दे रहा है। दो-बार सहमति पत्र बनने के बाद भी मुआवजके भुगतान को टाला जा रहा है। एक साल से हम लोग मुआवजे के लिए परेशान हैं।
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-दुर्गा प्रसाद, हरदीडाली

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पुल निर्माण में मेरी 40 डिस्मिल जमीन गई है। अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजे के लिए हम लोग भटक रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।

- गोपाल नारायण चौधरी, ग्राम प्रधान, हरदीडाली
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जमीन ले लिया गया है लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। पुल का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है लेकिन जिम्मेदार भुगतान करने से कतरा रहे हैं।
- रामबृक्ष, हरदीडाली पूरब टोला

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किसानों को अभी तक अधिग्रहित जमीन के मुआवजे का भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है। प्रयास है कि एक सप्ताह के अंदर लोगों का भुगतान कर दिया जाए। इसके लिए फाइल भी तैयार कर ली गई है। लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

- जेई शुभकरन, सेतु निगम
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