निचलौल नगर पंचायत, बंसुली व करमहिया में थी बीबी फातिमा बेगम की 200 एकड़ जमीन
जमीन पर काबिज लोगों ने बनवा लिए पक्के घर, मात्र 35 डिसमिल प्रशासन के पास
नीलोत्पल दुबे
महराजगंज। देश के बंटवारे के बाद पाकिस्तान गए लोगों की जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित करने में लापरवाही सामने आई है। इससे उनकी करीब 200 एकड़ जमीन पर दूसरे लोगों ने कब्जा कर पक्के मकान बनवा लिए हैं। कुछ ने जमीन भी अपने नाम करा ली है। फिलहाल इस जमीन में से मात्र 35 डिसमिल नगर निकाय के कब्जे में है। पूरा मामला वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करने के दौरान खुला। अब प्रशासन एक कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच में जुटा है।
जानकारी के अनुसार, बंटवारे में पाकिस्तान जाने वालों की मिल्कियत कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्राॅपर्टी फाॅर इंडिया (सीईपीआई) के तहत वर्ष 1982 में शत्रु संपत्ति घोषित करने का प्रावधान लागू किया गया। इसी प्रावधान के तहत निचलौल क्षेत्र से पाकिस्तान जाने वाली बीबी फातिमा बेगम की लगभग 200 एकड़ जमीन में से सिर्फ 35 डिसमिल जमीन शत्रु संपत्ति घोषित की गई। इसके अलावा चौक नगर पंचायत में एक अन्य जमीन भी शत्रु संपत्ति के दायरे में लाई गई।
निचलौल नगर निकाय में सिर्फ 35 डिसमिल शत्रु संपत्ति
निचलौल नगर पंचायत के पुराने बूचड़खाने के बगल में 35 डिसमिल प्लाट 2017 में शत्रु संपत्ति के तहत दखल में लिया गया। सर्वाधिक संपत्ति छोड़कर जाने वालों में बीबी फातिमा बेगम का नाम प्रमुख है। तहसील अभिलेखागार के मालिकान रजिस्टर रिकॉर्ड के मुताबिक, नगर पंचायत के अलावा ग्राम पंचायत करमहीं व बंसुली क्षेत्र में कुल लगभग 200 एकड़ से अधिक की संपत्ति बीबी फातिमा बेगम की थी। 1982 में चले देशव्यापी शत्रु संपत्ति चिह्नीकरण प्रक्रिया से यह संपत्तियां अछूती रहीं। 2 अक्तूबर 1989 को गोरखपुर से अलग होकर नया जनपद बनने के बाद इन जमीनों पर काबिज लोगों का नाम चढ़ गया। पुराना बूचड़खाना परिक्षेत्र भी इसमें शामिल था। पर, वर्ष 2017 में नगर पंचायत ने यहां की 35 डिसमिल जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित कर अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया।
चौक नगर पंचायत में 0.85 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति पर निर्माण
जनपद की दूसरी शत्रु संपत्ति चौक नगर पंचायत में वार्ड संख्या तीन सरदार पटेल नगर में अराजी संख्या 129 की 0.85 हेक्टेयर जमीन है। यह जमीन गोरखपुर, निजामपुर मोहल्ला की जमीला खातून के नाम दर्ज थी। जमीला का परिवार भी बंटवारे के बाद पाकिस्तान चला गया। वार्ड के सभासद गोवर्धन ने बताया कि वर्ष 1982 में इस क्षेत्र का जिला गोरखपुर था। चूंकि, जमीला खातून गोरखपुर के निजामपुर की थीं। उनके परिवार का पाकिस्तान जाना प्रशासन की जानकारी में था। ऐसे में जब 1982 में शत्रु संपत्ति चिह्नित करने का अभियान चला तो जनपद में यही जमीन सबसे पहले शत्रु संपत्ति घोषित हुई। मौजूदा समय में इसपर कुछ लोग पक्का निर्माण करा रहे हैं। इसकी लिखित शिकायत प्रशासन से की गई है।
वर्जन
पुराने बूचड़खाने के पास लगभग 35 डिसमिल जमीन 2017 में शत्रु संपत्ति के रूप में नगर निकाय के अधिकार क्षेत्र में लाया गया। इस जमीन को बाउंड्री कराकर सुरक्षित किया गया है। यहां नगरवासी नगर पंचायत की अनुमति से कार्यक्रम इत्यादि आयोजित करते हैं।
-विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत निचलौल
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
निचलौल के एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि मालिकान रजिस्टर के मुताबिक तहसील क्षेत्र में लगभग 200 एकड़ भूमि बीबी फातिमा के नाम है। यह जमीन उनके पाकिस्तान चले जाने पर शत्रु संपत्ति दायरे में क्यों नहीं घोषित हुई इसकी जांच के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई है। इसमें राजस्व निरीक्षक, लेखपाल व नगर पंचायत से एक कर्मी को शामिल किया गया है। टीम क्षेत्र में शत्रु संपत्ति व वक्फ दायरे की पात्रता वाली जमीनों को चिह्नित करेगी और यह भी रिपोर्ट देगी कि मौजूदा समय में किसका कब्जा व अभिलेख में किसका नाम है। रिपोर्ट जिलाधिकारी व शासन को भेजकर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।