पिछले साल दिवाली में चीनी की मिठाई में मिला था सिंथेटिक रंग, इस बार रहें सचेत
दिवाली में लिया गया था नमूना, दूध में मिला था पानी, छेना में स्टार्च, बंद बोतल पानी में वैधता तिथि अंकित नहीं थी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। रंग बिरंगी मिठाइयां देखने में सुंदर लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए हानिकारक होती है। रंग-बिरंगी बनाने के लिए इसमें अखाद्य एवं सिंथेटिग रंग मिलाई जाती है जो लीवर को नुकसान पहुंचाती हैं। विभिन्न पर्वों के दौरान ऐसी मिठाइयाें की खूब बिक्री होती है। दिवाली में भी ऐसी मिठाइयों की खूब बिक्री होती है। पिछले साल दिवाली में चीनी की मिठाई का नमूना जांच के लिए भेजा गया था, तो रिपोर्ट में अखाद्य रंग मिला। दूध में पानी होना पाया गया था। छेना की मिठाई में स्टार्च मिला था। ऐसे में इस बार दिवाली में लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। वहीं, त्योहार को देखते हुए फूड विभाग की टीम जिले में छापा डाला रही है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 से फरवरी 2023 तक 1286 निरीक्षण हुआ। लैब से 265 की रिपोर्ट आई, इसमें 157 नमूने फेल हो गए। 122 अद्योमानक मिले हैं। 24 मिस ब्रांड मिले। 11 अनसेफ मिले। 165 वाद एडीएम न्यायालय में दाखिल हुए। सीजेएम न्यायालय में आठ वाद दाखिल हुए हैं। पिछले साल दिवाली की बात करें तो टीम ने ताबड़तोड जांच कर नमने इकट्ठे किए और जांच के लिए भेजे। करीब माह भर बाद रिपोर्ट आई तो कार्रवाई की गई।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं रहने की रिपोर्ट पर एडीएम न्यायालय में वाद दाखिल होता। सेहत के लिए नुकसानदायक रहने पर सीजेएम न्यायालय में वाद दाखिल किया जाता है। जानकारों के अनुसार रंग-बिरंगी चीनी वाली मिठाई खरीदने से परहेज करना चाहिए। सस्ते के चक्कर में लोग इन्हें खरीद कर बीमारी को आमंत्रित करते हैं। इससे बाद में परेशानी होती है। इस बार दिवाली में लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। फूड विभाग की ओर से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। पिछले साल की रिपोर्ट से सबक लेते हुए विभाग की ओर से इस बार सतर्कता बरती जा रही है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने वसूला करीब 21 लाख रुपये जुर्माना
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक 21,39,000 रुपये का जुर्माना वसूल चुका है। 159 व्यवसायियों के खिलाफ एडीएम न्यायालय में वाद दायर किया गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बोतल बंद पानी में भी गड़बड़ी पकड़ी। जांच में पाया गया कि पानी की बोतल पर उसकी एक्सपायरी डेट (वैधता तिथि) अंकित नहीं थी। दूध के 62 नमूने, खोया के आठ, पनीर के 5, दूध से बनी मिठाइयों के 43, मसाले के दो, घी चार, सरसों तेल के पांच, अन्य तेल सात, खाद्यान्न एवं दाल के 20, बोतल बंद पानी के छह, बेकरी एवं नमकीन के 15 व अन्य खाद्य पदार्थों के 17 नमूने संग्रहित किए गए। यह सैंपलिंग मौजूदा वित्तीय वर्ष में हुई है।
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ऐसे करें जांच, पता चल जाएगी शुद्धता
नमक में वाइट स्टोन पाउडर मिला हो इसकी जांच एक गिलास पानी में एक चम्मच नमक मिलाएं। मिलावट होने पर पदार्थ नीचे बैठ जाएगा और पानी का रंग सफेद हो जाएगा। नमक सही होगा तो पानी का रंग नहीं बदलेगा और नीचे शेष कुछ भी नहीं रहेगा। लाल मिर्च में ईंट का बुरादा मिलाने की जांच पानी में लाल मिर्च पाउडर को मिलाकर कर सकते हैं। अगर उसमें मिलावट होगा तो पानी लाल हो जाएगा और बुरादा नीचे बैठ जाएगा। दूसरा तरीका है टेस्ट ट्यूब में 2 ग्राम लाल मिर्च का पाउडर डालें और उसमें 5 मिली एसिटोन मिलाएं। अगर तुरंत लाल रंग ट्यूब में आ जाए तो उसमें मिलावट है।
फोेटो :-
खाने में सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल होने लगा है, जो बेहद घातक है। अखाद्य रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तथा इसे खाने से जी मिचलाना व सिर दर्द सहित अन्य गंभीर रोग का भी खतरा है। इसके सेवन से जिगर व यकृत संबंधी रोग तथा कैंसर भी हो सकता है।
डॉ. डीसी कुशवाहा, वरिष्ठ होम्योपैथ चिकित्सक
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खाद्य पदार्थों में मिलावट से शरीर पर प्रभाव पड़ता है। छोटी-मोटी मिलावट समझकर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, इससे कई बड़ी बीमारियों का कारण बनती है। तेल और घी में आर्जीमोन आदि का शरीर के तमाम अंगों पर असर पड़ता है। सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल लीवर को डैमेज कर देता है।
डॉ. केपी सिंह, अधीक्षक, सीएचसी सदर
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मिलावट की आशंका को देखते हुए त्योहार में ब्रांडेड कंपनी की पैक मिठाई खरीदता हूं। छेने की मिठाई में शुद्धता की गारंटी नहीं रहती है। जिम्मेदार भी दायित्व से बेखबर रहते हैं।
अरुण कुमार सिंह, प्रबंधक, बाइक शो रूम
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सेहत को ध्यान में रखते हुए शुद्ध सामान की खरीदारी करना इन दिनों मुश्किल हो गया है। त्योहार में तो समस्या बढ़ जाती है। दूध से बनी मिठाइयों को खरीदने में डर लगता है।
हरिओम वर्मा, सर्राफा कारोबारी
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छापे में 15 नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया
महराजगंज। जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जगह-जगह छापा मारा। 15 नमूने जांच के लिए भेजे गए। खोया, पनीर, छेना, पेड़ा, बर्फी के नमूना लेकर जांच में भेजे गए हैं। जिले के फरेंदा, धानी, बृजमनंगज, सिसवा, खुटहा कस्बे में टीम ने छापा मारा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सदर अमित कुमार पांडेय ने बताया कि त्योहार को देखते हुए छापा मारकर नमूना एकत्र किया जा रहा है। साथ ही दुकानदारों को शुद्ध खाद्य पदार्थ की बिक्री के लिए जागरूक किया जा रहा है। समझाने पर कोई अमल नहीं करेगा तो कार्रवाई की जाएगी। अभियान जारी रहेगी।
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टीम जिले में भ्रमण कर दुकानों से नमूनों को एकत्र करने में जुटी है। खाद्य कारोबारियों को जागरूक भी किया जा रहा है। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाती है। त्योहार को देखते हुए विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बृजेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा
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