महराजगंज। परिषदीय स्कूल की व्यवस्था और संसाधनों पर सरकार की ओर से खास ध्यान दिया जा रहा है। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के लिए भी लगातार प्रयास हो रहे हैं। नामांकित विद्यार्थियों के लिए ड्रेस इत्यादि की व्यवस्था भी सरकार की ओर से ही की जा रही है। डीबीटी के जरिए इसकी खरीद के लिए धनराशि सीधे अभिभावक के खाते में भेजी जाती हैं, बावजूद जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण जनपद के सभी बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कोहरे और ठंड का दौर प्रारंभ हो चुका है, लेकिन डीबीटी से वंचित विद्यार्थी अब भी स्वेटर के लिए इंतजार कर रहे हैं।
शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों के अभिभावक खाते में डीबीटी से 1200 रुपये प्रति विद्यार्थी भेजे जाते हैं। इससे यूनिफाॅर्म, स्वेटर, जूता-मोजा, स्टेशनरी, बैग की खरीद अभिभावक कर सके, लेकिन इस बार सत्र शुरू हुए कई माह गुजर चुके हैं, लेकिन लगभग 20 हजार विद्यार्थियों को डीबीटी न होने से अभिभावक परेशान हैं कि बढ़ती ठंड में स्वेटर का इंतजाम कहां से करें, जिनको इसका लाभ प्राप्त हुआ उनके अभिभावकों ने ड्रेस खरीदा, लेकिन स्वेटर नहीं खरीद सके।
बोले अभिभावक-
महदेवा खुर्द के सुभाष, अजय और बनकटी के आदित्य, गोरख चौधरी ने बताया कि उनके बच्चे परिषदीय स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल में वह बच्चों का नामांकन कराते समय ही अपना खाता नंबर और आधार की कॉपी जमा कर चुके हैं, लेकिन आजतक डीबीटी राशि खाते में नहीं पहुंची। बच्चे रोज घर पर स्वेटर खरीदने की जिद कर रहे हैं। डीबीटी न मिलने के कारण हम लोगों ने किसी तरह ड्रेस का इंतजाम पहले किया। शिक्षक कह रहे थे डीबीटी का पैसा आएगा। अब हम स्वेटर कहां से खरीदें यह नहीं समझ पा रहे।
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1705 स्कूलों में नामांकित हैं लगभग 2.48 लाख विद्यार्थी
जनपद में 1705 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 2.48 लाख विद्यार्थी नामांकित हैं। अप्रैल में सत्र प्रारंभ होने के दूसरे माह ही लगभग 2.28 लाख विद्यार्थियों के अभिभावक खाते में डीबीटी के जरिए राशि भेजी गई। लगभग 20 हजार अभिभावकों को इसका लाभ नहीं मिला। इनका आधार नंबर और बैक खाता नंबर दोबारा अध्यापकों ने जमाकर विभाग को भेजा, लेकिन शेष रह गए अभिभावकों के खातों में रकम नहीं आई।
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पिछले माह डीबीटी के जरिए लगभग 20 हजार बच्चों का सत्यापन कराकर उनके अभिभावकों की डिटेल विभाग को प्रेषित कर दी गई है। उम्मीद की जा रही है कि इन्हें सहयोग राशि प्राप्त हो जाएगी।
- श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी।