माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों को 12 वर्षों के अनवरत संघर्ष के बल पर 12 फरवरी को मुकाम मिल गया।
उत्तर प्रदेश की सपा सरकार ने शिक्षकों के मानदेय के लिए दो सौ करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित कर दी। संघ की इस उपलब्धि को कुछ तथाकथित लोग अपना श्रेय लेने का अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।
उक्त बातें नगर के एक हाल में माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक सम्मेलन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष लाल बिहारी यादव ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के लाखों शिक्षकों की एकजुटता को देखते हुए सपा मुखिया मुलायम सिंह व युवा मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह ने चुनावी वादों को पूरा किया है। प्रदेश महासचिव आफताब आलम ने कहा कि 12 फरवरी 2009 को विधान सभा के घेराव के दौरान शिक्षकों पर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज किया गया। शिक्षक नेताओं को फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।
प्रदेश सचिव चंद्र भूषण मिश्र ने कहा कि शिक्षक नेता लाल बिहारी यादव के मेहनत का परिणाम है। वित्त विहिन माध्यमिक शिक्षकों के खाते में मानदेय की धनराशि चली जाएगी। उन्होंने कहा कि लोक तंत्र में कानून सड़क पर बनते है। मगर मुहर सदन में लगती है। इस दौरान संतराज यादव, देशबंधु शुक्ला, बेचन शर्मा, रामउग्रह यादव, प्रेमचंद, विनय चौरसिया, रामकेश सिंह, माया वर्मा, रमाकांत यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।