निचलौल। क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद यूरिया की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि हर साधन सहकारी समितियों पर भरपूर यूरिया उपलब्ध है।
इसकी सच्चाई जानने के लिए बुधवार को क्षेत्र के करीब छह से अधिक समितियों का पड़ताल की गई। इस दौरान केवल एक समिति पर महज 132 बोरी यूरिया उपलब्ध मिली, जबकि अधिकांश समितियों पर ताला बंद था। ऐसे में खाद के आस में समितियों पर पहुंचने वाले किसान मायूस होकर लौट गए। कुछ किसान प्राइवेट दुकानों से एमआरपी से अधिक दाम देकर खाद खरीदने को विवश हो रहे हैं।
11 बजे क्षेत्र के रुद्रौली गांव स्थित साधन सहकारी समिति पर देखा गया कि समिति पर तैनात कर्मी बबलू चौधरी गोदाम को खोल परिसर में कुछ लोगों के साथ पौधरोपण कर रहे हैं। पूछताछ में कर्मी बबलू ने बताया कि गोदाम पर बीते करीब पांच दिन पहले 450 बोरी यूरिया आई थी।
इसे सोमवार को करीब 200 किसानों में आधार कार्ड और खतौनी पर वितरण कर दिया गया। गोदाम पर खाद लाने के लिए रैक लगा है। खाद आने के बाद वितरण किया जाएगा।
11:24 बजे साधन सहकारी समिति अरदौना पर देखा गया कि समिति पर ताला लटक रहा है। ऐसे में सचिव अजय शंकर तिवारी से मोबाइल फोन पर बातचीत में बताया गया कि गोदाम पर करीब चार दिन पहले 400 बोरी यूरिया थी। बीते मंगलवार को 148 किसानों में 268 वितरण जा चुका है।
वहीं लगभग 132 बोरी खाद बच गया। उक्त खाद देर शाम होने के चलते वितरण नहीं हो सका। बचे खाद को बृहस्पतिवार को वितरण किया जाएगा। इतना ही नहीं गोदाम पर खाद मंगाने के लिए रैक लग चुकी है। इस दौरान समिति पर पहुंचे किसान गोविंद और लालजी ताला लटकते देख मायूस होकर लौट गए।
12:48 बजे साधन सहकारी समिति टिकुलहिया पर ताला लटक रहा था। परिसर में एक चाय की दुकान पर कई लोग बैठे नजर आए। दुकानदार ने बताया कि सचिव साहब आए थे, जो किसी कार्य के लिए अभी निकले हैं। वहीं सचिव जितेंद्र मिश्रा ने मोबाइल फोन से बातचीत में बताया कि गोदाम पर पांच दिनों पहले 400 बोरी यूरिया आई थी। इसे सोमवार और मंगलवार को 200 किसानों में आधार कार्ड और खतौनी के आधार पर वितरण कर दिया गया।
खाद के लिए रैक लगी हुई है। इसी बीच बैदौली किसान ने बताया कि वह पिछले करीब एक सप्ताह से खाद के लिए समिति पर आ रहा हूं। अब मजबूर होकर निजी दुकानों से महंगे दाम पर खरीदेंगे। इसी बीच मेघौली के दो किसान आ पहुंचे।