2084 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का कर रहे हैं सत्यापन
नए मतदाताओं ने फार्म-6, 7 और 8 के माध्यम से किया है आवेदन
महराजगंज। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन को लेकर दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया जारी है। बड़ी संख्या में नए मतदाताओं ने फार्म-6, 7 और 8 के माध्यम से आवेदन किया है। इन आवेदनों के सत्यापन और निस्तारण के लिए निर्वाचन विभाग की ओर से विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा है। 2084 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 28 अक्तूबर से 31 जनवरी तक फार्म-6 में नए मतदाता बनने के लिए कुल 46,796 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 243 आवेदन ऑफलाइन जबकि 46,553 आवेदन ऑनलाइन माध्यम से आए हैं। इससे स्पष्ट है कि अधिकतर आवेदकों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आवेदन करना पसंद किया।आवेदनों की जांच की स्थिति पर नजर डालें तो 493 आवेदन सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) स्तर पर अभी तक प्रक्रिया में नहीं हैं। वहीं, 13,519 आवेदन एईआरओ स्तर से जांच के लिए बीएलओ को भेजे गए हैं। जांच के दौरान 1,041 आवेदन एईआरओ स्तर पर अपूर्ण पाए गए, इनमें आवश्यक दस्तावेज या जानकारी की कमी है।
इसके अलावा 5,874 आवेदन एईआरओ स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित हैं जबकि 16,128 आवेदन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया में हैं। दस्तावेज पूरे न होने के कारण अब तक 116 आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं। दूसरी ओर, जांच पूरी होने के बाद 974 आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं। इसी तरह 8,649 अन्य आवेदन भी स्वीकृत किए गए हैं।
फार्म 7: मृत्यु और स्थानांतरण के मामलों में नाम विलोपन
मृत्यु या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फार्म 7 के तहत भी आवेदन लिए जा रहे हैं। इस श्रेणी में कुल 1,547 मतदाताओं द्वारा नाम विलोपित कराने के लिए आवेदन किया गया है। इनमें से केवल 1 आवेदन ऑफलाइन जबकि 1,546 आवेदन ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए हैं। फार्म 7 से संबंधित 16 आवेदन एईआरओ स्तर पर अभी प्रक्रिया में नहीं है। वहीं, 90 आवेदन प्रक्रिया में हैं। इन्हें एईआरओ स्तर से जांच के लिए बीएलओ को भेजा गया है। इसके अलावा 27 आवेदन एईआरओ स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित हैं जबकि 97 आवेदन ईआरओ स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया में हैं। दस्तावेजों में कमी पाए जाने के कारण फार्म 7 के अंतर्गत 1,201 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं, 123 आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं। इसके बाद संबंधित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
फार्म 8: नाम, पता और अन्य त्रुटियों में सुधार
मतदाता सूची में नाम, पिता या पति के नाम, उम्र, पता या फोटो में त्रुटियों के सुधार के लिए फार्म 8 के तहत भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। फार्म 8 के अंतर्गत कुल 11,576 आवेदन दर्ज किए गए हैं। इनमें 142 आवेदन ऑफलाइन जबकि 11,434 ऑनलाइन माध्यम से आए हैं। फार्म 8 से जुड़े 303 आवेदन एईआरओ स्तर पर अभी अनप्रोसेस हैं। जबकि 2,094 आवेदनों को जांच के लिए एईआरओ स्तर से बीएलओ को भेजा गया है। दस्तावेजों की कमी के कारण 134 आवेदन अधूरे घोषित किए गए हैं। इसके अलावा 475 आवेदन एईआरओ स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित हैं। ईआरओ स्तर पर भी बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। फार्म 8 के तहत 4,677 आवेदन स्थानांतरण और संशोधन के लिए ईआरओ स्तर पर लंबित हैं, जबकि 97 आवेदन नए रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किए जाने के लिए प्रतीक्षा में हैं। अब तक 209 आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं। वहीं, 348 आवेदन ‘एक्सपेक्टेड’ श्रेणी में हैं, जिनकी प्रक्रिया अभी जारी है, जबकि 3,239 आवेदन ‘एक्सपेक्टेड’ की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
डिजिटल प्रक्रिया के फायदे और चुनौतियां
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रणाली से जहां प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आई है, वहीं दस्तावेजों की सही स्कैनिंग और अपलोडिंग न होने के कारण कई आवेदन लंबित या निरस्त भी हुए हैं। कई मामलों में आवेदकों ने आवश्यक प्रमाण पत्र अपलोड नहीं किए या गलत जानकारी भर दी, जिसके चलते बीएलओ और अधिकारियों को अतिरिक्त जांच करनी पड़ रही है।
वर्जन
फार्म 6 व 7 और 8 के आवेदनों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप किया जा रहा है। बीएलओ फील्ड स्तर पर सत्यापन के बाद रिपोर्ट एईआरओ और ईआरओ को भेजते हैं। पूरी प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रह जाए।
-संतोष कुमार शर्मा, जिलाधिकारी
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आयोग के नए निर्देश से नेपाली बहुओं में ऊहापोह की स्थिति
नौतनवा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान लोगों में ऊहापोह की स्थिति है। मंगलवार को बड़ी संख्या में नेपाल में जन्म लेने वाली वर्तमान में भारतीय बहुएं भी तहसील पहुंच गईं और प्रपत्र भरने की गुहार लगाने लगीं। हालांकि अधिकारियों द्वारा इस उच्च स्तरीय निर्देशों को बारीकी से समझने और समझाने के बाद किसी तरह लोगों की मैपिंग नोटिस और उनके दस्तावेजों को जमा किया गया।
नौतनवा एसडीएम नवीन प्रसाद का कहना है कि नए निर्देश के तहत देश से बाहर जन्म लेने वाले भारतीय नागरिकों को ही प्रपत्र 6 या 6 ए के आधार पर मतदाता बनने की सहूलियत की देने की बात कही गई है। फिलहाल एसआईआर से संबंधित नोटिस की सुनवाई की जा रही है। जिनके पास निर्धारित नियम के अनुरूप दस्तावेज हैं उनकी प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। संवाद
वर्जन
मायका नेपाल में रूपनदेही जिले के ननौली गांव में है। एसआईआर फार्म भरकर जमा किया था, नोटिस मिली है। इसमें माता-पिता का भारत से जुड़ा दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जा रहा है। बेहतर होता की प्रमाण के लिए सास-ससुर के दस्तावेजों को ही आधार बनाया जाता।
-सुनीता चौधरी, महुअवा
मायका बेलहिया नेपाल में है। शादी नौतनवा के ग्राम बड़हरा टोला हड़हवा में हुई है। जारी नोटिस में 2003 की मतदाता सूची में माता-पिता का नाम दर्ज होने को ही सबसे अहम दस्तावेज माना गया है। अब ऐसे में नेपाल मूल की बहुओं के माता-पिता का नाम भारत की मतदाता सूची में कहां से मिलेगा।
-अलीशा, बड़हरा
खुनसा जिला रूपनदेही में मायका है। ससुराल नौतनवा के महुअवा में है। विभिन्न चुनावों में लगातार मतदान भी करती आ रही हूं। अब अचानक शुरू हुए एसआईआर अभियान ने साथ ही सभी नेपाली बहुओं और उनके ससुराल वालों की भी मुश्किलें भी बढ़ा दी है।
-मीना चौधरी, महुअवा
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मायका गांव पचवारे, मर्चवार जिला रूपंदेही नेपाल में है। एसआईआर में पिता का दस्तावेज मांगा जा रहा है। अब जब पिता नेपाल के हैं तो भारतीय होने का प्रमाण कहां मिलेगा। सिर्फ आनाकानी कर फार्म तो जमा कर लिया गया है लेकिन ऐसा लगता नहीं कि नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाएगा।
-गीता, मोहनजोत