महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघली में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गंभीर बना दी है। करीब आठ लाख की आबादी का बोझ संभाल रहे इस अस्पताल में अधिकांश विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। हालत यह है कि हड्डी, बाल रोग, सर्जरी, आंख, चर्म रोग से लेकर एनेस्थेसिया तक के मरीजों को जिला अस्पताल या निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ रहा है।
वर्ष 2011 में स्थापित इस सीएचसी पर प्रतिदिन करीब 300 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में अधिकांश गंभीर मरीजों को 30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। कई बार एंबुलेंस की देरी या आर्थिक तंगी के कारण मरीज निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने को मजबूर हो जाते हैं।
हड्डी व बाल रोग मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित : हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से फ्रैक्चर, घुटना व कमर दर्द के मरीजों को तत्काल राहत नहीं मिल पाती। पकड़ियार बिशुनपुर निवासी राम प्रवेश, क्रांति चौराहा के मधुकर शर्मा और बन्नी ढाला की सीता देवी ने बताया कि दर्द से परेशान होकर अस्पताल आए थे, लेकिन विशेषज्ञ न होने से निराश लौटना पड़ा।
बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव में बच्चों के इलाज की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। खानपुर मधवलिया की सुनीता देवी अपने बुखार से पीड़ित बच्चे को लेकर आईं, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ न होने की जानकारी मिलने पर निजी डॉक्टर के पास जाना पड़ा।