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अधीक्षक के खिलाफ लामबंद हुए एंबुलेंस चालक

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अधीक्षक के खिलाफ लामबंद हुए एंबुलेंस चालक
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तीन घंटे तक नहीं किया काम, अधीक्षक ने आरोपों को नकारा
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े एंबुलेंस कर्मियों ने अधीक्षक पर अभद्र व्यवहार व प्रताड़ित करने और इमरजेंसी मरीज को बगैर जांच किए रेफर का आरोप लगाते हुए लामबंद हो गए। कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर अधीक्षक के खिलाफ धरना देने की चेतावनी दी। करीब तीन घंटे तक कर्मियों का विरोध चला। बाद में समझाने पर कर्मी मान गए।
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एंबुलेंस जीवनदायिनी संस्था के जिलाध्यक्ष अभिषेक चौरसिया ने कहा कि अधीक्षक डॉ. राजेश द्विवेदी द्वारा एंबुलेंस कर्मियों का उत्पीड़न किया जाता है। इमरजेंसी ड्यूटी करने के दौरान प्रताड़ित करते हुए उन्हें नौकरी से निकलवाने की धमकी दी जाती है। इमरजेंसी मरीज लाने पर बगैर जांच के ही रेफर कर दिया जाता हैं। इससे एंबुलेंस कर्मियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं 108 व 102 के एंबुलेंस कर्मी, सोनू मिश्रा, योगेश मिश्रा, अशोक, अमरनाथ, कोलंबस, कौशल किशोर पांडेय, श्रीचंद, रंजीत, मनोज, सुभाष, चांदनी, शैलेन्द्र प्रजापति, बृजेश, संतोष गुप्ता व तनवीर आदि ने कहा कि कर्मचारियों के प्रति अधीक्षक का व्यवहार ठीक नहीं है। बार बार लोगों से अभद्रता करते हुए गलत शब्दों का प्रयोग करते हैं। इस दौरान संस्था के जिला प्रभारी राम शर्मा, प्रोग्राम मैनेजर प्रवीण श्रीवास्तव व जिला उपाध्यक्ष संजय चौधरी आदि मौजूद रहे। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश द्विवेदी का कहना है कि आरोप निराधार है। एंबुलेंस कर्मी किसी के बहकावे में आकर यह आरोप लगा रहे हैं। अभद्र व्यवहार करने का आरोप बेबुनियाद है।
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