महराजगंज। परिवहन विभाग के चालान नियमों के साथ कार्रवाई के प्रावधानों का बदलाव भी प्रभावी कर दिया है। परमिट के बगैर वाहन मिलने पर लगाया गया जुर्माना अब वाहन स्वामी अब न्यायालय से नहीं कम करा सकेंगे। मोटर यान अधिनियम संशोधन के बाद अब कोर्ट गये मामलों की पैरवी के लिए विभाग को अधिवक्ता भी मिलेंगे।
मोटर यान अधिनियम के कुछ प्रावधानों को एक साथ संशोधित किया गया है। मोटर यान अधिनियम, 1988 में धारा 192ए, धारा 200 और 215 को संशोधन करने वाले प्रावधान को प्रभावी करने की अधिसूचना तो जनवरी 2025 में ही जारी हो चुकी है। धारा 192ए में संशोधन के बाद अब धारा 66 (1) के अधीन परमिट के बिना या परमिट शर्तों के विरुद्ध संचालन के सापेक्ष वाहन स्वामियों के विरुद्ध दंड कठोर करते हुए दंड को कम करने का अधिकार सीमित किया गया है। संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि नया बदलाव तो जनवरी में ही केंद्र ने तय किया लेकिन इसे प्रदेश में जुलाई 2025 से प्रभावी किया गया है।