मृतक चंचल भारती के रोते बिलखते परिजन।
बहन की खुदकुशी सुनकर सदमे में हैं दोनों बड़े भाई
शिकारपुर। नीट प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के बाद चंचल के खुदकुशी करने से पूरे परिवार में मातम पसर गया है। माता-पिता और दोनों भाई गहरे सदमे हैं। मां गीता ने बताया कि गोरखपुर से परीक्षा देकर लौटने पर चंचल खुश थी लेकिन सोमवार को उत्तरों का मिलान करने के बाद गुमसुम हो गई।
जानकारी के अनुसार, जनपद मुख्यालय के चौपरिया की चंचल की आत्महत्या के बाद पिता अमरजीत और मां गीता देवी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। परिचितों की सांत्वना के बाद भी दोनों लगातार रोते जा रहे हैं। पेशे से किसान अमरजीत भारती अपनी बड़ी बेटी रिंकल को न पढ़ा पाने की कसक चंचल को डॉक्टर की पढ़ाई कराके पूरी करना चाहते थे।
चंचल की मां गीता देवी ने बताया कि जब वह रविवार को गोरखपुर से नीट की परीक्षा देकर लौटी तो उसने बताया था कि पेपर ठीक हुआ है। रात में परिवार के साथ खाना खाकर सोई तो सुबह रोजमर्रा के काम पूरा कर उत्तरों का मिलान करने लगी। इसके बाद वह अचानक गुमसुम हो गई। परिवार के किसी भी सदस्य को ऐसी उम्मीद नहीं कि वह ऐसा कदम उठाएगी।
घर में सबसे छोटी थी चंचल
दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटी थी। सबसे बड़ी बेटी रिंकल को अच्छी तरह से नहीं पढ़ा पाने का मलाल पिता अमरजीत को था। हालांकि उन्होंने दोनों बेटों को अच्छी पढ़ाई करवाई है। बड़े बेटे अभिनव व उसके बाद रवि प्रताप को उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई करवाई थी। अभिनव एमबीबीएस करने के बाद देवरिया जिला अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहा है वहीं उससे छोटा रवि शहर के एक पैथालाजी में कार्य कर रहा है। दोनों भाइयों से प्रेरित होकर चंचल पिता के सपने को डाक्टर बनकर पूरा करना चाह रही थी।