जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और मारने-पीटने के आरोप की न्यायालय ने की सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। थाना कोतवाली सदर के चार कांस्टेबलों के विरुद्ध एससी/ एसटी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ है। कोतवाली सदर थाने में वर्ष 2021 में सिपाहियों के बीच हुई मारपीट के मामले में कांस्टेबल उमेश सिंह यादव, मनीष यादव, विकास यादव व वरिष्ठ मुंशी राम राज यादव के विरुद्ध अपर सत्र/विशेष न्यायाधीश अनिल सेठ ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर को मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना करने का आदेश पारित किया है।
जानकारी के अनुसार, वादी मुकदमा राजेश कुमार पासवान ने 156-3 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया कि उसने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में 18 अप्रैल 2021 से 19 अप्रैल 2021 तक की देर रात्रि तक चुनावी ड्यूटी की।
20 अप्रैल 2021 को हलका नंबर चार में ड्यूटी कर राजेश कुमार पासवान रात्रि 9:30 बजे वापस थाना कोतवाली सदर महाराजगंज आया। रात्रि 12:10 बजे पुन: ड्यूटी जाने की बात को लेकर थाना कोतवाली सदर महराजगंज के कांस्टेबल उमेश सिंह यादव, मनीष यादव, विकास यादव व वरिष्ठ मुंशी राम राज यादव उन्हें गाली देते हुए जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने लगे।
इस मामले में सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक फणींद्र कुमार त्रिपाठी ने न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत की। 20 अप्रैल 2021 की रात्रि में आरक्षी राजेश कुमार ने आरक्षी उमेश सिंह यादव के सीने पर नाल रखकर धमकी देते हुए उसे मारापीटा था। आरक्षी उमेश सिंह की सूचना पर कांस्टेबल राजेश कुमार के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत होकर विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया जा चुका है।
प्रस्तुत प्रकरण में न्यायालय ने दोनों पक्षों की बातों को सुनते हुए व उच्च न्यायालय प्रयागराज के विभिन्न निर्णयों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर जनपद महाराजगंज को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश पारित किया है।