महराजगंज। बीते दिनों फरेंदा कस्बे में हुए हादसे से ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। 17 सितंबर की सुबह 8:15 बजे करन विश्वकर्मा (20) के दुकान का शटर खोलते समय करंट से मौत हो गई थी। परिजनों ने इसकी सूचना किसी को नहीं दी, लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने शव फरेंदा कस्बे के मुख्य मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दी थी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। शनिवार को इस मामले में पुलिस ने 12 नामजद व 50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
तहरीर (रिपोर्ट) चौकी प्रभारी गंगाराम यादव ने थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार पाठक को सौंपी। रिपोर्ट के अनुसार, करन विश्वकर्मा वार्ड-8, गांधीनगर, शनिचरहिया, नगर पंचायत आनंद नगर का निवासी था। वह गुड्डू के कहने पर दुकान का शटर खोल रहा था, इस दौरान उसकी करंट से मौत हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरेंदा से मेमो मिलने पर चौकी प्रभारी ने शव का पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव लाने वाले ग्रामीणों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन अचानक ही सड़क पर जाम लगा दिया। इस मामले में पुलिस ने नामजद 12 लोगों में अविनाश उर्फ वीरु, गंगा वरुण, भोलू विश्वकर्मा, कन्हैया उर्फ गोलू, बच्चन वरुण, मन्ना, राजेश उर्फ चौकी, अमरनाथ चौरसिया, जितेंद्र चौरसिया, राजेश चौरसिया, संदीप चौरसिया और गंगा वरुण की पत्नी शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 50 अन्य अज्ञात महिलाओं-पुरुषों को भी शामिल किया गया है। आरोप है कि उन्होंने भी मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया।
चौकी प्रभारी गंगाराम यादव व अन्य पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए। उन्होंने पुलिस व प्रशासन विरोधी नारे लगाए, विभिन्न धमकियां दीं और मार्ग खाली करने से इनकार कर दिया। थाना फरेंदा को सूचना देकर वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया। पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की वार्ता के बावजूद जाम बना रहा।
चौकी प्रभारी ने इसे अपराध की श्रेणी में बताते हुए उचित वैधानिक कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार पाठक ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।