नहर की पटरी टूटी, फसलें बर्बाद
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महराजगंज/कोठीभार। कई दिनों में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। धान की फसल सूख रही थी। इस बीच शुक्रवार की रात जिले में हुई बारिश से सूख रही धान की फसल को संजीवनी मिली। उधर, गर्मी से बेहाल लोगों ने कुछ राहत महसूस की। जिले में रात में 19 एमएम बारिश हुई। उधर, सिसवा विकास खंड के ग्राम गेरमा व रामपुर खुर्द के बीच अज्ञात लोगों द्वारा नारायणी-गंडक नहर की पटरी काट दिए जाने से आधा दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। पानी भर जाने से पोखरे की मछलियां भी बह गईं।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक सूख रही फसलों के लिए अभी 24 घंटे ठीक से बारिश की जरूरत है। उधर, बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। जिले के नौतनवां, पनियरा, घुघली, शिकारपुर, सिंदुरिया, फरेंदा, बृजनमगंज, निचलौल आदि कस्बों में बारिश हुई। उप निदेशक कृषि गणेश दूबे ने बताया कि कई दिनों से बारिश नहीं हुई थी। इससे खरीफ की फसल धान व मक्का के अलावा मूंगफली भी सूखने लगी थी। नहरों में पानी खेत तक नहीं पहुंचने से किसान परेशान थे। शुक्रवार की रात बारिश होने से किसानों को खासी राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने बताया कि जिले में 19 एमएम बारिश हुई है। दो दिन के अंदर बारिश ठीक होने की संभावना बन रही है। उधर, कोठीभार प्रतिनिधि के अनुसार सिसवा विकास खंड के ग्राम गेरमा व रामपुर खुर्द के बीच अज्ञात लोगों द्वारा नारायणी-गंडक नहर की पटरी काट दिए जाने से आधा दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। पानी भर जाने से पोखरे की मछलियां भी बह गईं। नहर की पटरी काट दिए जाने से सिसवा ब्लॉक के गेरमा, रामपुर, पकड़ी, विशुनपुरा, परसिया व कुइयां सहित अन्य गांवों के खेतों में पानी भर गया है और सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। गेरमा निवासी दीपक, अब्दुल रज्जाक, विशुनपुरा के सुमेर, अजीत, रतनपुर दुर्गेश आदि ने बताया कि हाल ही में धान की रोपाई की गई थी। नहर की पटरी काट दिए जाने के कारण पानी सिवान में फैल गया। जिससे धान की फसल बर्बाद हो गई। मछली पालन वाले पोखरे में पानी भर जाने के कारण मछलियां बह गई हैं। पानी गांव में भी घुसने लगा है।