आरक्षण की मांग को लेकर राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद का धरना पांचवें दिन जारी रहा। सोमवार को कलेक्ट्रेट में धरने के बाद मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
जिला संयोजक डॉ. अनिल निषाद और जिलाध्यक्ष नागेंद्र निषाद ने संयुक्त रूप से बताया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी धरना देते रहेंगे। बताया कि सात जून को आरक्षण की मांग को लेकर रेल रोको आंदोलन में पुलिस ने फर्जी मुकदमे में सबको फंसाया गया था। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा था उच्चस्तरीय जांच करा कर मुकदमे वापस किए जाएंगे।
कहा कि आजम खां कि भैंस प्रकरण की जांच हो सकती है तो हम निषादों पर अत्याचार की जांच क्यों नहीं। समाज के 37 आंदोलनकारियों की जमानत होते ही अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद को जेल में डाल दिया गया। इसके अलावा सरकार ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र देने की लिखित आश्वासन दिया था।
लेकिन आज तक कुछ नहीं किया गया। दोषी पुलिस अधिकारियों को दंडित करने का भी आश्वासन दिया गया था। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। जगदीश निषाद, नाथू निषाद, किशन, युवा जिलाध्यक्ष राम सनेही निषाद के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।