राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सोमवार को रैली निकाल कर पेंशन की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की। सभी विभाग के कर्मचारियों ने जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सुबह 11 बजे से पीजी कॉलेज से रैली निकाली। मंगलवार से होने वाली दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल के लिए योजना बनाई गई। इस संबंध में डीएम को एक ज्ञापन भी दिया।
जिलाध्यक्ष भागवत सिंह ने कहा कि विभाग चार साल से कर्मचारियों की छोटी-छोटी जायज मांगों को सरकार लिखित समझौता करने के बाद भी नहीं मान रहा है। जिसके कारण नवंबर में 11 दिवसीय हड़ताल कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में की थी। उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप व सरकार के मांगों को संबधित लिखित हलफनामा दायर करने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली थी। दो वर्ष बाद भी सरकार उन मांगों को मानने का शासनादेश जारी नहीं किया गया। जिससे कर्मचारियों नाराजगी व्याप्त है।
उपाध्यक्ष कौशल किशोर चौबे ने कहा कि कर्मचारियों की सबसे बड़ी समस्या कैश लेश चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध न कराना है। इससे अनेकों कर्मचारियों की गंभीर बीमारी से रुपये के अभाव में मौत हो जाती है। जिला महामंत्री कमलेश सिंह ने कहा कि सांसद विधायक मेज थपथपाकर अपना वेतन बढ़ा ले रहे है।
कर्मचारियों का वेतन दस साल के बाद 23 प्रतिशत बढ़ाने की बात कर रहे हैं। संयोजक घनश्याम पांडे ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन व्यवस्था को मानवता के आधार पर तत्काल बहाल कर देना चाहिए। कुष्ठ कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामसुग्रीव वर्मा ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों को जिन दरों पर मकान भत्ता, शिश ुभत्ते सहित अन्य भत्ते मिले है सरकार उन्हें राज्य कर्मचारियों को उपलब्ध कराए।
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश नारायण पटेल ने कहा कि फील्ड के कर्मचारियों को बाइक भत्ता दिया जाए। रामसिगार सिंह, टीपी सिंह, भोला गुप्ता, त्रिभुवन, रामजीत गुप्ता, काशी चौधरी, मदन चौधरी, केपी नायक, रामभवन गौंड संतराज यादव कई लौग मौजूद रहे।