मृत गायों को दफनाने में जुटा प्रशासन
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महराजगंज/ठूठीबारी। जिले के गोसदन मधवलियां में एक सप्ताह में 29 गायों की मौत के बाद प्रशासन समेत गोसदन प्रबंधन की नींद टूटी। गोसदन में बेतरतीब पड़ी गायों के शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद गड्ढा खोदकर उसमें दफन किया गया। परिसर में करीब 50 गड्ढे खोदवाकर छोड़ दिए गए। ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायत न मिले।
‘अमर उजाला’ के 13 जनवरी के अंक में ‘गोसदन में एक सप्ताह में 29 गायों की मौत’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर छपने के बाद जिला प्रशासन शनिवार को हरकत में आया। खबर को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने एसडीएम निचलौल को मौके पर जाकर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर शनिवार को दोपहर में निचलौल एसडीएम देवेश कुमार गुप्ता, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी समेत पशु चिकित्सकों की टीम के साथ मधवलियां गोसदन पहुंचे। वहां जेसीबी से 50 गड्ढे खुदवाकर इधर-उधर पड़े पशुओं के शव का पोस्टमार्टम करा दफन कराया।
एसडीएम ने बताया कि गोसदन में गड्ढ़ा खोदवाकर मृत गायों को उसमें दफन किया गया। डॉक्टरों की टीम से मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में प्लास्टिक खाने से मौत की पुष्टि हुई है। उनका कहना था कि गोसदन की गायों की मौत नहीं हुई है बल्कि बाहर से आई हुई गायों की मौत हुई है। गोसदन में तैनात कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि गायों को ठीक ढंग से चारा, पानी और रहने की उत्तम व्यवस्था करें। ठंड से बचाव के लिए त्रिपाल डलवाया गया है। गोसदन के प्रबंधक जितेंद्र पाल सिंह ने बताया कि परिसर में 250 पशुओं के रहने की क्षमता है। गोरखपुर महानगर से जो गाएं आईं, उन्हीं की मौत हुई है। व्यवस्था में कोई कमी नहीं है।
उधर, शनिवार को दोपहर में हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय कार्यकर्ताओं के साथ मधवलियां गोसदन पहुंचे। यहां व्यवस्था का जायजा लिया। गोसदन में व्यवस्था की खामियों से सीएम को अवगत कराने की बात कही। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला महामंत्री रूप नारायण मिश्रा, रामबचन गुप्ता, जगदीश साहनी, शेषमणि प्रसाद, रामविलास भारती, अर्जुन, महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।