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महाव नाला टूटा, 250 एकड़ फसल डूबी

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महराजगंज में दो स्थानों पर टूटा महाव नाले का तटबंध । - फोटो : MAHARAJGANJ
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महाव नाला टूटा, 250 एकड़ में लगी फसल डूबी
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गांव की तरफ बढ़ रहा पानी, किसान चिंतित
महराजगंज/बरगदवां। जिले में ज्यादा बारिश का असर दिखने लगा है। बरगदवां क्षेत्र का महाव नाला टूटने से खेत में जलभराव हो गया है, जिससे करीब 250 एकड़ फसल पानी में डूब गई है। वहीं महाव तटबंध के किनारे बसे गांव के लोग चिंतित हैं, क्योंकि पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है।
महाव नाले का तटबंध मंगलवार की सुबह दो स्थानों पर टूट गया, जिससे सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई है। मौके पर नौतनवां उपजिलाधिकारी और तहसीलदार हालात का जायजा लेने में जुटे हैं। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से पहाड़ी नाला महाव मंगलवार को सुबह 7 बजे टूट गया। देवघट्टी गांव के हरखपुरा टोले के सामने पूर्वी तटबंध करीब 20 मीटर टूटा है, जिससे नरायनपुर, देवघट्टी, हरपुर, अमहवा गांव के सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई है। वहीं दूसरे स्थान पर परसामालिक थाना क्षेत्र के दोगहरा गांव के सिवान में नईमुल्लाह कोटेदार के खेत के सामने पश्चिमी तटबंध करीब 20 टूटने से जहरी, विशुनपुरा,महरी घोड़हवां आदि गांव के सैकड़ों एकड़ धान की फसल बाढ़ के पानी में डूबी है। किसान राकेश, भगवानलाल, जगवन्त वर्मा, राजू, अर्जून, पवन, रमाशंकर, राजाराम, रामनरायण, दयाराम, महेश आदि का कहना है कि तटबंध टूटने से फसल बर्बाद हो गई है। अब तो समस्या और बढ़ जाएगी। गांव की ओर से पानी धीरे धीरे बढ़ रहा है। अगर ऐसे ही अनवरत बारिश होती रही तो गांव में पानी घुस सकता है।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रमेश यादव ने बताया कि नाले में पेड़ गिरने की वजह से तटबंध पर दबाब बढ़ा, जिससे टूट गया। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर संभव कोशिश की जा रही है।
रखरखाव में हर बार खर्च होती मोटी रकम
वर्ष 2017-18 में 1 करोड़ 89 लाख रुपये से महाव नाला का कायाकल्प कराया गया था, जिससे किसानों में उम्मीद जगी थी कि अब महाव की समस्या से निजात मिल जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। वर्ष 2019-20 में सिंचाई विभाग ने 49 लाख रुपये खर्च कर महाव नाले के सिल्ट को साफ कराया था। महाव नाला बीते वर्ष एक जून 2018 को देवघट्टी के सामने टूटा था।
बारिश से जगह जगह जलभराव
महराजगंज। बारिश होने से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। शहर में सर्विस रोड पर जलभराव होने से आना जाना दुश्वार हो गया है। सदर कोतवाली परिसर एवं बैरेक, सदर ब्लॉक के सामने, राजीव नगर में सड़क पर जलभराव हो गया है। इसके अलावा चौक बाजार, निचलौल, घुुघली, गडौरा, झुलनीपुर, नौतनवां, खनुआ, कोल्हुई, बृजमनगंज समेत अन्य क्षेत्र में कुछ स्थानों पर जलभराव हो गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि महराजगंज में 57 एमएम, फरेंदा में 56 एमएम, नौतनवां में 52 एमएम, निचलौल में 15 एमएम बारिश दर्ज हुई है। आने वाले दो दिनो में मौसम खराब रहने की संभावना है।
लक्ष्मीपुर खुर्द गांव में घुसा पानी
ठूठीबारी। लक्ष्मीपुर खुर्द गांव में पानी घुस जाने से लोगों की मुश्किलें बढ गई हैं। गांव के पूर्व गंडक नदी बहती है। सोमवार को नदी उफना गई, जिससे लक्ष्मीपुर खुर्द, बकुलडिहा नदी टोला में पानी घुस गया। वही लक्ष्मीपुर खुर्द पुलिस चौकी व प्राथमिक विद्यालय में पानी से भी जलभराव है। वहीं गडौरा मार्ग पर पानी बहने लगा।
एक सप्ताह से कटा संपर्क मार्ग
महराजगंज। सोहगीबरवा भोथहा शिकारपुर तीनों ग्राम सभा का संपर्क एक सप्ताह से कटा हुआ है। सोमवार लगभग शाम 6 बजे वाल्मीकि वैराज से 3 लाख 14 हजार पानी फिर छोड़ा गया, जिससे पानी चारो तरफ फैल गया है। प्रमोद कुशवाहा बताते हैं कि जलभराव होने से सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। सोहगीबरवां थानाध्यक्ष अम्बिका प्रसाद ने बताया कि पानी चारो तरफ फैल गया है। गांव के लोगों को बचाव के प्रति सजग रहने को कहा जा रहा है।
तेज बारिश में झोपड़ी पर गिरा पेड़
परतावल। सोमवार की रात हुई तेज बारिश की वजह से परतावल ढ़ाठर टोला निवासी अम्मर राजभर की झोपड़ी पर एक विशाल पेड़ गिर गया। झोपड़ी के अंदर ही अमर उसकी पत्नी ज्ञानती व तीन बच्चे एंजीला, विशाल, रघुनाथ सोए हुए थे। पेड़ थोड़ा ऊपर ही रुक गया, जिससे परिवार वाले जख्मी होने से बाल बाल बच गए। श्यामदेउरवा थाना गेट के सामने जलभराव होने से लोगों को आने में परेशानी हो रही है।
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खपरैल का मकान ढहा
अड्डा बाजार। क्षेत्र के महुआरी में सोमवार की रात बरसात के दौरान प्रदीप विश्वकर्मा का खपरैल मकान जमींदोज हो गया। हालांकि परिजन पूरी तरह सुरक्षित है। प्रदीप ने बताया कि उनके खपरैल के मकान की दीवार मिट्टी की थी। परिवार के सभी लोग बगल के खपरैल के मकान में सोए थे। कानूनगो अनारूल्लाह खान ने कहा कि नुकसान का जायजा लेने हल्का लेखपाल को भेजा गया है।
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