महराजगंज। पकड़ी से केएमसी मेडिकल काॅलेज तक फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। हिचखोले खाते हुए कुछ दिन और सफर करना पड़ेगा। वहीं इसके आगे बलिया नाले पर भी पुल नहीं बन सका है। पनियरा क्षेत्र के लोग सात किमी अतिरिक्त दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। आने वाले दिनों में दुश्वारियां दूर होती नहीं दिख रही हैं। इस दिशा में सुस्ती देखकर लग रहा है कि बरसात के बाद ही लोगों की दुश्वारियां दूर होंगी।
जानकारी के अनुसार, पकड़ी चौराहे से खुटहा मार्ग पर मेडिकल कॉलेज से 400 मीटर दूरी पर बलिया नाले पर स्थित ध्वस्त पुल के निर्माण में तेजी नहीं दिख रही है। 90 दिन में काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
इसमें करीब 45 दिन गुजर चुके हैं। जिम्मेदारों के अनुसार बरसात का समय मिलाकर 12 माह के अंदर काम पूरा होने का जिक्र टेंडर में है। सुस्ती देखकर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लगता है बरसात तक समस्या दूर नहीं हो पाएगी। बलिया नाले पर बना पुल करीब तीन साल से ध्वस्त है। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण पनियरा क्षेत्र के करीब 36 गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय पर जाने के लिए सात किलोमीटर अधिक दूरी तय करके आना-जाना पड़ रहा है।
इससे लोगों को अधिक किराया खर्च करने के साथ ही समय की भी बर्बादी होती है। पुल के निर्माण के लिए 3 करोड़ 58 लाख रुपये का टेंडर जारी हुआ है। पकड़ी खुटहा मार्ग पर ध्वस्त पुल से 500 मीटर पहले मिले खुटहा गांव के दिनेश कहने लगे कि महराजगंज जाने में दिक्कत होती है। पुल पता नहीं कब बनेगा।
रामनगर चौराहे से होकर मुख्य मार्ग तक जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने के कारण समय लगता है। रामनगर चौराहे पर जितेंद्र वर्मा ने बताया कि बरसात के पहले काम पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। इस बार बरसात में सांसत झेलनी पड़ेगी।
आने वाले दिनों में हो सकता है, समस्या दूर हो जाएगी। कारोबारी रामचंद्र ने बताया कि खुटहा तक गाड़ी ले जाने में किराया अधिक देना पड़ रहा है। अगर पुल बन जाता तो पकड़ी से सीधे खुटहा, पनियरा पहुंचना आसान रहता। पकड़ी चौराहे से नरेश केएमसी मेडिकल काॅलेज की ओर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन पहले भूमि पूजन हुआ है। अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में समस्या दूर हो जाएगी।