ट्राम वे रेल परियोजना के संरक्षण और विकास की संभावनाओं को तलाशने लखनऊ से पहुंचे रेल अधिकारी व अ
लोगों के विरोध और राजनीतिक पहल के बाद रेलवे प्रशासन बैकफुट पर-रेलवे अधिकारियों की दाे सदस्यीय टीम ने स्थल का किया भौतिक सत्यापन
लक्ष्मीपुर। लक्ष्मीपुर एकमा डिपो में संरक्षित ट्रॉम-वे रेल इंजन और अवशेषों को लखनऊ शिफ्ट करने की कवायद पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। शासन स्तर पर बने स्थानांतरण प्रस्ताव के बाद उठे स्थानीय विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप ने रेल प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया है। शनिवार को लखनऊ से पहुंची अधिकारियों की टीम ने डिपो परिसर में संरक्षित इंजन और अन्य अवशेषों का निरीक्षण किया और पूरे स्थल का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि तकनीकी और प्रशासनिक अनुमति मिलती है तो लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन परिसर में शेड निर्माण कर इंजन को यहीं संरक्षित किया जा सकता है।
विरोध के कारण बैरंग लौटना पड़ा था टीम को : गौरतलब है कि वर्ष 1924 में स्थापित ट्रॉम-वे परियोजना वर्ष 1982 में बंद हो गई थी। इस ऐतिहासिक इंजन और अवशेषों को लखनऊ ले जाकर संरक्षित करने की योजना शासन स्तर से बनी थी। जैसे ही यह सूचना स्थानीय जनता को मिली, लोगों में आक्रोश फैल गया। कुछ दिनों पहले इंजन और अवशेषों को ले जाने के लिए आई लखनऊ की टीम को लोगों के विरोध के कारण बैरंग तक लौटना पड़ा। ग्रामीणों की मांग है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को लक्ष्मीपुर में ही संरक्षित किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को जान सकें।
विधायक की पहल से मिली पहली जीत : लक्ष्मीपुर क्षेत्र विकास मंच के संरक्षक चंद्र प्रकाश मिश्र के नेतृत्व में अध्यक्ष घरभरन मद्धेशिया और महासचिव दुर्गा शंकर शुक्ल सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने लखनऊ पहुंचकर नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा था। इस पर नौतनवा ऋषि त्रिपाठी ने पहल करते हुए संबंधित अधिकारियों और वनमंत्री से वार्ता की। उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक से मुलाकात की, जिसके बाद ट्राॅम-वे इंजन का स्थानांतरण रुक गया। विधायक ने डीआरएम से लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन पर ट्राॅम वे इंजन को संरक्षित करने, प्रदर्शन के लिए शेड निर्माण कराने, के अलावा नौतनवा से लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के लिए ट्रेनों के संचालन एवं लक्ष्मीपुर में ठहराव सुनिश्चित करने की मांग रखी।
रेलवे स्टेशन पर शेड बनाकर रखा जा सकता है ट्रॉम वे इंजन
मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीआरएम लखनऊ को तत्काल लक्ष्मीपुर जाकर भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। आदेश के अनुपालन में रेल अधिकारियों ने लक्ष्मीपुर ट्राॅम वे स्थल, रेलवे स्टेशन तथा संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया। रेल अधिकारी नीलेश सिंह और अरविंद सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर उन्होंने लक्ष्मीपुर एकमा डिपो में स्थित ट्राॅम वे रेल परियोजना के ऐतिहासिक अवशेषों का निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के संरक्षण और विकास की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है तथा शासन स्तर पर उच्च स्तरीय कार्य योजना तैयार की जा रही है। शासन की मंशा है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखकर इसे पर्यटन और स्थानीय पहचान से जोड़ा जाए। अधिकारियों ने संकेत दिया कि शीघ्र ही लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन पर शेड बनाकर ट्राॅम वे इंजन को प्रदर्शन के लिए रखा सकता है। स्थानीय संगठनों ने इसे अपनी पहली जीत बताया है, लेकिन अंतिम फैसला रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। अगर प्रस्ताव बदला तो लक्ष्मीपुर को एक ऐतिहासिक पहचान के साथ पर्यटन मानचित्र पर जगह मिल सकती है।
टीम की जांच के बाद क्या बदलने की उम्मीद
-स्थानांतरण योजना पर पुनर्विचार – अब इंजन को लखनऊ ले जाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में जा सकता है।
-स्थानीय संरक्षण मॉडल – स्टेशन परिसर में स्थायी शेड बनाकर प्रदर्शन की व्यवस्था की संभावना मजबूत हुई है।
-पर्यटन से जोड़ने की योजना – रिपोर्ट सकारात्मक रही तो परियोजना को स्थानीय पर्यटन और पहचान से जोड़ा जाएगा।
-आधिकारिक कार्ययोजना – शासन स्तर पर संरक्षण, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए अलग कार्ययोजना बन सकती है।